दशहरे के अवसर पर बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रावण वध कार्यक्रम की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। इस बार यहां 90 फीट ऊंचे रावण, 85 फीट ऊंचे मेघनाद और 80 फीट ऊंचे कुंभकर्ण के पुतले जलाए जाएंगे। विजयादशमी पर होने वाला यह आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी होंगे शामिल
गांधी मैदान में आयोजित होने वाले रावण वध कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ राज्य सरकार के अन्य मंत्री और कई गणमान्य लोग शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन रामलीला महोत्सव दशहरा समिति ट्रस्ट की ओर से किया जा रहा है।
आयोजन समिति के अनुसार, तीनों पुतलों के निर्माण के साथ ही कार्यक्रम से जुड़े अन्य काम भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। आयोजन शुरू होने से पहले बची हुई तैयारियों को पूरा करने की कोशिश की जा रही है, ताकि कार्यक्रम तय समय पर शुरू हो सके।
भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गांधी मैदान में रावण वध देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस बार भी भारी भीड़ जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास भीड़ को नियंत्रित करने, लोगों की आवाजाही सुचारु रखने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि लोग बिना किसी परेशानी के सुरक्षित माहौल में दशहरे का उत्सव मना सकें।
भगवान श्रीराम की विजय का प्रतीक है रावण वध
पटना के गांधी मैदान में होने वाला रावण वध दशहरा उत्सव के प्रमुख आयोजनों में शामिल है। इस दिन रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की जीत सुनिश्चित की थी।
दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि जीवन में अच्छाई अपनाने और बुराइयों को छोड़ने का संदेश भी देता है। इस अवसर पर लोग नकारात्मकता को दूर करने और नशे की लत, जातिगत भेदभाव तथा दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का संकल्प लेते हैं। विजयादशमी के साथ ही नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्र का समापन भी होता है। यह पर्व लोगों को सत्य, न्याय और सदाचार के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।