साहित्य और स्थानीय कला को एक साथ लाने के लिए जम्मू कश्मीर के डोडा में कल चिनाब पुस्तक मेले और साहित्य महोत्सव की शुरुआत हुई। पांच दिनों की इस नुमाइश में कई तरह की पुस्तकों के साथ स्थानीय कलाकारों के शिल्प को भी शामिल किया गया है।
कार्यक्रम का उद्घाटन डोडा के उपायुक्त की मौजूदगी में किया गया। उन्होंने इस दौरान कहा कि किताबें युवाओं को बेहतर जीवन का रास्ता दिखाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
इस दौरान नुमाइश में शिरकत कर रहे लेखकों और दर्शकों ने भी अपनी राय रखी।
महोत्सव में आए कलाकारों ने कहा कि ऐसे आयोजन लगातार होने चाहिए। पुस्तक मेले में भद्रवाह जिला जेल के कैदियों के बनाए प्रोडेक्ट को भी प्रदर्शित किया गया।
आयोजकों के मुताबिक चिनाब पुस्तक मेले और साहित्य महोत्सव का मकसद पढ़ाई के साथ स्थानीय शिल्प कला को बढावा देना है। आयोजकों ने इस कार्यक्रम को हर साल आयोजित करने की योजना बनाई है। उन्हें उम्मीद है कि ये डोडा के लोगों के लिए स्थायी सांस्कृतिक कार्यक्रम बन जाएगा।
5 दिवसीय चेनाब पुस्तक मेला, साहित्यिक महोत्सव शुरू
You may also like
Sant Sansad 2026: अंग्रेजी शिक्षा को मिली प्राथमिकता ने हमारी संस्कृति को नुकसान पहुंचाया - स्वामी उमाकांतानंद जी.
Sant Sansad 2026: भारत में बाहरी धर्मों के लोगों के मतदान का अधिकार रद्द हो — डॉ अनिकेत शास्त्री महाराज.
मध्य प्रदेश के पन्ना में कुएं की खुदाई के दौरान धंसी मिट्टी, 5 मजदूरों की मौत.
अंतिम चरण में पहुंचा बारापुला फेज-III प्रोजेक्ट, 30 जून तक उद्घाटन के लिए होगा तैयार.