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ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास ट्रक हादसे में 14 की मौत, पुलिस पर लापरवाही के आरोप

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए ट्रक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। रविवार तड़के हुए इस हादसे में कई लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही और राहत-बचाव कार्य में देरी के आरोप लगाए हैं। अस्पताल और पोस्टमार्टम केंद्र पर पहुंचे परिजनों ने पुलिस के सामने अपना गुस्सा जाहिर किया और अपनों को खोने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

परिजनों का आरोप है कि पुलिस हादसे के काफी देर बाद मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में भी देरी हुई। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें अपने लापता परिजनों की तलाश करने से रोका। पोस्टमार्टम केंद्र पर ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के पहुंचने के दौरान भी कुछ परिजनों ने नाराजगी जताई।

एक महिला ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद पुलिस ने उसे अपने घायल बेटे को खुद अस्पताल ले जाने से रोक दिया। महिला के मुताबिक, हादसा दोपहर 12 बजे हुआ था, लेकिन पुलिस शाम 4 बजे पहुंची। वहीं, एक अन्य परिजन ने सवाल उठाया कि यदि हादसा दोपहर 2 बजे हुआ था, तो घायल को अस्पताल पहुंचाने में 4 बजे तक का समय क्यों लगा।

कुछ परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपने परिवार के सदस्यों की मौत की जानकारी पुलिस से नहीं, बल्कि परिचितों के फोन से मिली। एक महिला ने अपनी लापता बेटी की तलाश में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने परिवार को घटनास्थल के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के मुताबिक, रविवार तड़के करीब 1:30 बजे धान से भरा एक ट्रक छिनोर की तरफ से आ रहा था। शीतला माता मंदिर के पास ढलान पर ट्रक अनियंत्रित हो गया और वहां मौजूद श्रद्धालुओं को कुचलते हुए आगे बढ़ गया। बताया जा रहा है कि ट्रक सड़क पर लगे बैरिकेड और पुलिस चेकपोस्ट को तोड़कर मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकरा गया।

ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के अनुसार, हादसे के बाद 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें मौके पर ड्यूटी कर रहे दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो हादसे में घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है। शुरुआती जानकारी में 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बाद में ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने मृतकों की संख्या बढ़कर 14 होने की जानकारी दी।

बैरिकेड तोड़कर ट्रक कैसे पहुंचा, जांच जारी

कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है। नवरात्र के दौरान सड़क पर बैरिकेड और पुलिस चेकपोस्ट लगाए गए थे। ऐसे में ट्रक इन्हें पार कर श्रद्धालुओं तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है। ट्रक की तकनीकी स्थिति की जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की टीम भी भेजी गई है, ताकि हादसे की वजह का पता लगाया जा सके।

मोहन यादव सरकार देगी आर्थिक सहायता

हादसे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही सभी घायलों का इलाज मुफ्त कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने मंत्री ऐदल सिंह कंसाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर पहुंचने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं की शांति, शोकाकुल परिवारों को दुख सहने की शक्ति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

इस हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में शोक के साथ गुस्सा भी है। परिजन राहत-बचाव कार्य में कथित देरी और घायलों के इलाज से जुड़े घटनाक्रम पर जवाब मांग रहे हैं। हादसे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ट्रक बैरिकेड और पुलिस चेकपोस्ट को पार कर मंदिर के पास श्रद्धालुओं तक कैसे पहुंचा।