योगी सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए हॉट कुक्ड मील योजना में गुणवत्ता जांच की व्यवस्था पर जोर दे रही है। इसके तहत बच्चों को भोजन परोसने से पहले कम से कम दो वयस्क लोगों को उसका स्वाद और गुणवत्ता जांचनी होगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता बनाए रखना और इसकी जिम्मेदारी तय करना है। भोजन की जांच रसोइया या माता समिति के सदस्य जैसे वयस्कों द्वारा रोस्टर के आधार पर की जाएगी।
भोजन की गुणवत्ता जांचने के बाद ही होगा वितरण
योजना के तहत बच्चों की थाली तक भोजन पहुंचने से पहले उसकी गुणवत्ता परखी जाएगी। कम से कम दो वयस्क व्यक्ति भोजन का स्वाद और गुणवत्ता जांचेंगे। रोस्टर के अनुसार जांच की जिम्मेदारी तय होने से भोजन वितरण की प्रक्रिया पर निगरानी रखी जा सकेगी।
अनाज की गुणवत्ता और सफाई के भी मानक
हॉट कुक्ड मील तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया गया है। कोटेदार से मिलने वाले अनाज के लिए उत्तम गुणवत्ता यानी ए-क्लास या एफएक्यू मानक निर्धारित हैं।
इसके साथ ही खाना बनाने से पहले अनाज की अच्छी तरह सफाई करना भी जरूरी है। इन मानकों का उद्देश्य बच्चों को साफ-सुथरा और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।
निरीक्षण का रिकॉर्ड रखना भी जरूरी
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बचपन में संतुलित और पौष्टिक भोजन बच्चों के शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए भोजन की नियमित जांच के साथ निरीक्षण से जुड़े रिकॉर्ड का रखरखाव भी जरूरी है।
रोस्टर के आधार पर जांच, खाद्यान्न की गुणवत्ता और रिकॉर्ड की नियमित निगरानी से योजना को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी। सरकार का जोर है कि तय मानकों का पालन हो और बच्चों तक पौष्टिक भोजन पहुंच सके।