हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को नारायणगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सूची के लिए अपना एन्यूमरेशन (गणना) फॉर्म भरा। इस दौरान उन्होंने राज्य के लोगों से भी इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। इससे पहले 21 जून को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी अपना SIR फॉर्म भरा था। उन्होंने कहा था कि हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का काम सुचारु रूप से चल रहा है और बड़ी संख्या में मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं।
मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि करनाल जिले में 92 प्रतिशत फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा, "करनाल जिले के 12,25,661 मतदाताओं में से 11,30,623 लोगों को फॉर्म दिए जा चुके हैं।" उन्होंने बताया कि हरियाणा की पिछली मतदाता सूची में 2.06 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से अब तक 1.57 करोड़ से अधिक फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 76 प्रतिशत है।
खट्टर ने कहा कि फरीदाबाद और गुरुग्राम में बड़ी संख्या में प्रवासी आबादी होने के कारण वहां फॉर्म वितरण की रफ्तार अपेक्षाकृत कम रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वह स्वयं करनाल के पंजीकृत मतदाता हैं और उन्होंने भी अपना SIR फॉर्म भर दिया है। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान का समर्थन करते हुए खट्टर ने कहा कि यह चुनाव आयोग की नियमित प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि हर 20 साल में इस तरह का विशेष पुनरीक्षण किया जाता है और इससे पहले ऐसा अभियान 2005 में भी चलाया गया था। विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि फर्जी मतदाताओं के नाम हटाना जरूरी है। उनका कहना था कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची अधिक पारदर्शी होगी और चुनावों में वास्तविक मतदाताओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे मतदान प्रतिशत में भी सुधार होने की उम्मीद है।