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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, 96 डॉलर के करीब पहुंचा ब्रेंट क्रूड

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर बढ़ते खतरे और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ती चिंता के बीच 23 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 2 फीसदी बढ़कर 95.93 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। कारोबार के दौरान यह 96 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जो 8 जून के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड भी करीब 1.5 फीसदी की बढ़त के साथ 88 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है।

तेल की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। बाजार को डर है कि अगर दोनों देशों के बीच संघर्ष और बढ़ता है, तो दुनिया के प्रमुख तेल सप्लाई रूट प्रभावित हो सकते हैं। खासकर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। अगर इस रास्ते से तेल की आवाजाही में किसी तरह की रुकावट आती है, तो दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। इसी डर के कारण निवेशक कच्चे तेल की कीमतों को लेकर सतर्क हैं।

लाल सागर में भी तेल टैंकरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब से तेल ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दी है। उन्होंने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाने की चेतावनी भी दी है। हूतियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इन घटनाओं के कारण तेल की सप्लाई को लेकर बाजार में चिंता और बढ़ गई है।

इस बीच अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार बढ़ा है। अमेरिकी एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) के मुताबिक, पिछले सप्ताह अमेरिका में क्रूड ऑयल का स्टॉक करीब 20 लाख बैरल बढ़ा। आमतौर पर तेल का भंडार बढ़ने से कीमतों पर दबाव पड़ता है, लेकिन इस समय अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और तेल सप्लाई रूट को लेकर चिंता ज्यादा बड़ी है।

यही वजह है कि अमेरिका में तेल का स्टॉक बढ़ने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। विशेषज्ञों की नजर अब अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर है। अगर तनाव और बढ़ता है या तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।