मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को लोकभवन में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में औद्योगिक विकास, कृषि, रोजगार, तकनीक और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। सरकार ने ‘विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए कई अहम कदम उठाए। कैबिनेट ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही भदोही का नाम बदलकर संत रविदासनगर भदोही करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई।
तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन (यूपी-एआईएम) की स्थापना को मंजूरी दी। इसके अलावा प्रदेश के स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप क्रय योजना-2026 को भी हरी झंडी दी गई। इस योजना का उद्देश्य सरकारी खरीद में प्रदेश के स्टार्टअप्स को अवसर देना और नवाचार व उद्यमिता को बढ़ावा देना है। कृषि क्षेत्र में कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीद नीति को मंजूरी दी। इससे आगामी सीजन में धान की खरीद निर्धारित नीति के अनुसार की जाएगी।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मिलेगी अतिरिक्त साड़ी
महिला एवं बाल विकास से जुड़े फैसले में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे उन्हें अतिरिक्त वस्त्र उपलब्ध कराया जाएगा।
औद्योगिक विकास और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में मॉडल भवन विनियम-2026 लागू करने का फैसला लिया। इसका उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में भवन निर्माण और विकास की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और एक समान बनाना है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 को लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। वहीं, मैनपुरी में राज्य मार्ग संख्या-84 को चार लेन में चौड़ा करने की योजना को स्वीकृति मिली है। इससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इन फैसलों के जरिए प्रदेश सरकार ने औद्योगिक विकास, तकनीक, कृषि और जनकल्याण से जुड़े क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।