उत्तर प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत धान की सरकारी खरीद 12 अक्टूबर से शुरू होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से खरीद की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में धान क्रय नीति को मंजूरी दी गई। इस बार प्रदेश सरकार ने 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है।
खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश ने 62 लाख मीट्रिक टन धान खरीदकर देश में पहला स्थान हासिल किया था। इस बार खरीद बढ़ाने के लिए आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से प्रदेशभर में 4,500 क्रय केंद्र खोले जाएंगे। सरकार ने किसानों को खरीद के बाद 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
सामान्य धान का एमएसपी 2,441 रुपये, ग्रेड-ए का 2,461 रुपये
केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किया है। सामान्य धान 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान 2,461 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा।
सरकारी क्रय केंद्रों पर किसान निर्धारित समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेच सकेंगे। सरकार के अनुसार, धान खरीद के लिए बोरों की व्यवस्था भी की जा रही है। 80 हजार बोरे उपलब्ध करा दिए गए हैं, जबकि 9 अक्टूबर की शाम तक एक लाख अतिरिक्त बोरे उपलब्ध कराने की तैयारी है।
पश्चिमी यूपी में 12 अक्टूबर से 15 फरवरी तक खरीद
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, अलीगढ़ और झांसी संभाग में 12 अक्टूबर 2026 से धान खरीद शुरू होगी। यहां खरीद 15 फरवरी 2027 तक चलेगी। इसके अलावा लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी और सीतापुर जिलों में भी इसी अवधि के दौरान धान खरीदा जाएगा।
पूर्वी यूपी में 1 नवंबर से शुरू होगी खरीद
पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर और प्रयागराज संभाग में 1 नवंबर 2026 से धान की खरीद शुरू होगी। यह प्रक्रिया 28 फरवरी 2027 तक चलेगी। लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जिलों में भी 1 नवंबर से खरीद शुरू होगी और 28 फरवरी 2027 तक जारी रहेगी।
किसानों को 48 घंटे में भुगतान, फार्मर आईडी से होगी खरीद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को धान खरीद के बाद यथासंभव 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाए। भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। सरकार इस बार किसानों की फार्मर आईडी यानी किसान पहचान पत्र के आधार पर भी धान की खरीद करेगी। इससे खरीद प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिलेगी।
करीब 14 हजार किसानों ने कराया पंजीकरण
सरकार की धान खरीद नीति के तहत किसानों का पंजीकरण भी शुरू हो गया है। 9 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे तक कुल 13,943 किसान धान बेचने के लिए पंजीकरण करा चुके थे। सरकार ने इस वर्ष 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 4,500 क्रय केंद्रों और आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से खरीद की व्यवस्था की गई है।