गोवा के मर्सेस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने बुधवार को कथित नाइटक्लब अग्निकांड मामले में आरोपी गौरव लुथरा और सौरभ लुथरा को नियमित जमानत दे दी है। लुथरा बंधु ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब के सह-मालिक हैं, जहां 6 दिसंबर 2025 को लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुबोध कांटक ने पैरवी की, जिन्हें अधिवक्ता वैभव सूरी और एसकेआरबी लॉ ऑफिस ने निर्देशित किया था।
हालांकि, फिलहाल दोनों को जेल से रिहाई नहीं मिलेगी, क्योंकि मापुसा पुलिस ने सोमवार को उन्हें फर्जी नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मामले में हिरासत में ले लिया है। इससे पहले 24 मार्च को नॉर्थ गोवा के मापुसा जिला अदालत ने इसी मामले में नाइटक्लब के सह-मालिक अजय गुप्ता को जमानत दे दी थी। गुप्ता को तीन महीने पहले नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था।
दिसंबर 2025 में आग की घटना के बाद गोवा पुलिस ने क्लब मालिकों के खिलाफ लापरवाही और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आरोप में मामला दर्ज किया था। पुलिस के मुताबिक, लुथरा बंधुओं को यह जानकारी थी कि रेस्टोरेंट में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) नहीं है, इसके बावजूद वहां फायर शो आयोजित किया गया।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इससे पहले जनवरी में गोवा सरकार ने इस मामले में “लगातार लापरवाही” पाए जाने पर अर्पोरा ग्राम पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर और सचिव रघुवीर बागकर को पद से हटा दिया था। मजिस्ट्रियल जांच समिति की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ को पहले अस्थायी ढांचे में चलाया जा रहा था, जिसे बिना अनुमति और स्वीकृत नक्शे के नाइटक्लब में बदल दिया गया था।