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मंगोलिया और दक्षिण कोरिया के दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा पर रहेगा फोकस

विदेश मंत्री एस जयशंकर दो देशों की यात्रा पर जा रहे हैं। इसमें एक तो भारत के पड़ोसी देश चीन का कट्टर दुश्मन है तो वहीं दूसरा ड्रैगन का महत्वपूर्ण साझेदार और दोस्त है। एस जयशंकर का ये दौरा कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण है। एस जयशंकर जिन 2 देशों की यात्रा पर जा रहे हैं, उसमें से एक है साउथ कोरिया। दक्षिण कोरिया भारत के मित्र देशों में शामिल है तो वहीं चीन के साथ कई मुद्दों पर उसका संबंध तनावपूर्ण हैं। 

भारत में निवेश करने वाला दक्षिण कोरिया पांचवां सबसे बड़ा देश है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत साउथ कोरिया को अनाज, इस्पात, एल्यूमिनियम और लाइट ऑयल सप्लाई करता है। एलजी (LG), सैमसंग (Samsung), हुंडई (Hyundai) जैसी दिग्गज कंपनियों ने भारत में भारी निवेश किया हुआ है। भारत और दक्षिण कोरिया के बीच डिफेंस क्षेत्र में भी बहुत अच्छे संबंध हैं। समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भी दोनों के बीच गहरा सहयोग है।

साउथ कोरिया का अमेरिका के साथ गठबंधन है, चीन इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से खतरा मानता है। साल 2016 में दक्षिण कोरिया ने अमेरिकी एंटी मिसाइल रक्षा प्रणाली (Thaad) स्थापित किया, जिससे तनाव और बढ़ गया। चीन हमेशा नॉर्थ कोरिया का समर्थन और मदद करता आया है, जबकि दक्षिण कोरिया को उत्तर कोरिया आए दिन धमकी देता आया है। चीन और दक्षिण कोरिया के बीच मछली पकड़ने को लेकर भी विवाद है। चीनी मछुआरे अक्सर दक्षिण कोरिया की समुद्री सीमा में घुस जाते हैं।

दक्षिण कोरिया के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगोलिया के दौरे पर भी जा रहे हैं। मंगोलिया और चीन के रिश्ते काफी अच्छे हैं। इसके कई कारण हैं। जैसे मंगोलिया की चीन पर आर्थिक और व्यापारिक निर्भरता है। क्योंकि मंगोलिया सोने, तांबे और कोयले के संसाधनों के खनन के लिए चीन पर निर्भर है। चनी इन खनिजों को मंगोलिया से खरीद लेता है। ये मंगोलिया की अर्थव्यवस्था के लिए भी अच्छा है। मंगोलिया रूस और चीन जैसी दो महाशक्तियों के बीच एक लैंडलॉक्ड देश है। उसका आयात और निर्यात इन दोनों देशों पर ही निर्भर है। 

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 22 से 25 जून 2026 तक मंगोलिया और कोरिया गणराज्य की आधिकारिक यात्रा करेंगे। विदेश मंत्री 22 और 23 जून 2026 को मंगोलिया का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री मंगोलियाई नेतृत्व से मिलेंगे और अपनी समकक्ष विदेश मंत्री बी. बटसेत्सेग के साथ बातचीत करेंगे। विदेश मंत्री 24 और 25 जून 2026 को कोरिया गणराज्य का दौरा करेंगे। यात्रा के दौरान विदेश मंत्री कोरिया गणराज्य के विदेश मंत्री चो ह्यून के साथ बातचीत करेंगे। वे 25 जून 2026 को जेजू में 'शांति और समृद्धि के लिए जेजू फोरम' में मुख्य भाषण भी देंगे।