पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने रविवार को नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी नेतृत्व से मुलाकात की। बैठक में पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य विजय इंदर सिंगला समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बैठक के बाद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, "आज राहुल गांधी ने पंजाब के पांच वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को बुलाया था। मैंने अपना पक्ष रखा है। राहुल गांधी जो भी फैसला लेंगे, हम उसका समर्थन करेंगे। हम कांग्रेस पार्टी के समर्पित सिपाही हैं। वह हमें कोई जिम्मेदारी दें या न दें, हम राहुल गांधी और कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।"
यह बैठक पंजाब कांग्रेस में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच हुई है। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पंजाब की राजनीतिक स्थिति का आकलन करने के लिए वरिष्ठ नेताओं अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजनलाल जाटव को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 18 सीटें मिली थीं, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) ने 92 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। कांग्रेस 2017 के चुनाव जैसा प्रदर्शन दोहराने की कोशिश में है, जब पार्टी ने 77 सीटें जीतकर राज्य में सरकार बनाई थी। हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भी आम आदमी पार्टी ने अधिकांश वार्डों में जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल को सीमित सफलता मिली।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी भी चुनावी तैयारियों में जुट गई है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के पंजाब दौरे के दौरान जालंधर में रोड शो आयोजित किया गया, जहां उन्होंने राज्य में भाजपा को मजबूत करने का आह्वान किया। पंजाब की राजनीति इस बार पहले की तुलना में काफी बदली हुई नजर आ रही है। कांग्रेस के पास कई प्रमुख चेहरे हैं, जबकि भाजपा के अकेले चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश करेगी।
हालांकि, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाएं भी चल रही हैं, लेकिन केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि भाजपा किसी भी स्थिति में "छोटे भाई" की भूमिका स्वीकार नहीं करेगी। वहीं, पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा है कि पार्टी राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।