केरल में लगातार बारिश से जुड़ी घटनाओं में 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 8 लोग अभी भी लापता हैं। वहीं, 13 लोग घायल हुए हैं। राज्यभर में 5,792 लोगों को 209 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन बारिश और बाढ़ की स्थिति को लेकर अलग-अलग जिलों के प्रभारी मंत्रियों और जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं।
पिछले दिन के मुकाबले बारिश कम हुई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई और स्वच्छता का काम शुरू कर दिया गया है। सरकार ने राजनीतिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संगठनों से भी सफाई अभियान में मदद करने की अपील की है। बारिश और बाढ़ के कारण 27 घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं, जबकि 196 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। सरकार ने मृतकों के परिवारों और घर व रोजगार खोने वाले लोगों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है।
पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। हालांकि बारिश कम हुई है, लेकिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की गई हैं। राहत और बचाव कार्यों में जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवक भी सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं। सरकार ने लोगों से कहा है कि किसी भी तरह की मदद की जरूरत होने पर वे प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।
राज्य सरकार ने कहा कि वह किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। लोगों से सरकार और जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि बारिश से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को आर्थिक मदद दी जाएगी। जिन लोगों के घर, फसल और रोजगार का नुकसान हुआ है, उन्हें भी सहायता दी जाएगी। बारिश से घायल लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड ने 2 और 3 अगस्त को निरापुथारी के लिए सबरीमाला जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा पर दोबारा विचार करने की सलाह दी है। भारी बारिश, पंपा नदी में बढ़ते पानी और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए इलाके में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।