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योगी सरकार का कौशल विकास मिशन का विजन राज्य के युवाओं को बना रहा आत्मनिर्भर

Uttar Pradesh: कौशल विकास मिशन का विजन, उत्तर प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इसी विजन को प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आगे बढ़ा रहे हैं। अलग-अलग कंपनियों से करार करके, छात्रों को वास्तविक उद्योग आधारित ट्रेनिंग दे रहे हैं और युवाओं की क्षमता को निखार रहे हैं। जो उद्योग और संस्थाओं के समन्वय से युवाओं के सपनों को पंख लगा रहे हैं।

हाल ही में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, अलीगंज ने टाटा मोटर्स के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया। जिसके तहत संस्थान के 16 तकनीकी व्यवसायों के छात्रों को आधुनिक ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। जहां उन्हें प्रशिक्षण के साथ-साथ 10,100 रुपए का स्टाइपेंड और दूसरी सुविधाएं भी मिलेंगी। अभी तो ये शुरुआत है, आने वाले वक्त में तमाम कंपनियों आईटीआई से करार करेंगी, जिससे युवा कौशल को नई दिशा मिलेगी।

उत्तर प्रदेश में 314 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं, जिनमें लगभग 1 लाख 30 हजार छात्र ट्रेनिंग ले रहे हैं। इन समझौतों के तहत छात्र डेढ़ वर्ष कैंपस में ट्रेनिंग लेंगे, जबकि 6 महीने उन्हें प्रैक्टिकल के लिए अलग-अलग कंपनियों के संयंत्र में भेजा जाएगा। इन संस्थानों में फिटर, इलेक्ट्रिशियन, डीजल मैकेनिक, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, सीएनसी मशीन ऑपरेटर जैसे व्यवसायों में नामांकित छात्र इस योजना का सीधा लाभ उठा सकेंगे।

कंपनियों से हो रहे करार से आईटीआई के छात्र काफी खुश हैं और आने वाले दिनों में अपने उज्ज्वल भविष्य को देख रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार मेक इन इंडिया, स्टार्ट-अप, स्टैंड-अप और डिजिटल इंडिया" जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं के अनुरूप, कुशल युवा जनशक्ति तैयार करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।