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वक्फ (संशोधन) विधेयक क्या है? जिसको लेकर मचा है इतना हंगामा

Delhi: केंद्र और एआईएमपीएलबी यानी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड,  वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 को लेकर एकमत नहीं दिख रहे। इस विधेयक को अगस्त, 2024 में लोकसभा में पेश किया गया था। हालांकि सदन में गरमागरम बहस के बाद इसे संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया गया था। वक्फ बोर्ड के संचालन और संपत्ति प्रबंधन को विनियमित करने के मकसद से इस विधेयक को लाने के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। एआईएमपीएलबी ने इसे संविधान पर "हमला" और मुसलमानों को निशाना बनाने वाला कदम बताया है।

तमिलनाडु विधानसभा ने एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र से वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 को वापस लेने की गुजारिश की है। इसमें दलील दी गई है कि ये मुसलमानों से संविधान के अनुच्छेद 26 के तहत उनकी भूमि, संपत्ति और धार्मिक अधिकार छीन लेगा। इस विधेयक का मकसद वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करना है, ताकि वक्फ संपत्तियों के विनियमन और प्रबंधन से संबंधित मुद्दों का समाधान किया जा सके।

 इस्लामी कानून का एक प्रमुख पहलू 'वक्फ' धार्मिक या धर्मार्थ इस्तेमाल के लिए संपत्तियों को नामित करता है। इसका प्रबंधन 'मुतवल्ली' द्वारा किया जाता है, जो अपरिवर्तनीय स्वामित्व के साथ इन संपत्तियों की देखरेख और प्रशासन करता है। पीआईबी यानी प्रेस सूचना ब्यूरो के मुताबिक, वक्फ बोर्ड भारत में नौ लाख चालीस हजार एकड़ में फैली आठ लाख सत्तर हजार संपत्तियों की देखरेख करते हैं, जिनकी कीमत एक लाख बीस हजार करोड़ रुपये है। विधेयक में वक्फ अधिनियम की धारा 40 को हटाने का प्रस्ताव है, जो बोर्डों को वक्फ संपत्ति की स्थिति निर्धारित करने का अधिकार देता है।

 विधेयक में वक्फ बोर्डों में मुस्लिम महिलाओं और गैर-मुस्लिम प्रतिनिधित्व और बोहराओं और आगा खानियों के लिए एक अलग बोर्ड का प्रस्ताव है। ये विधेयक जिला कलेक्टरों को वक्फ संपत्ति विवादों पर अधिकार देता है और वक्फ बोर्ड की शक्तियों को सीमित करने के लिए 40 संशोधन पेश करता है, जिससे देश भर में आठ लाख 70 हजार से ज्यादा अचल और 16,000 चल संपत्तियों का प्रबंधन करने वाले 32 बोर्ड प्रभावित होंगे।

वक्फ (संशोधन) विधेयक ने केंद्र सरकार और एआईएमपीएलबी समर्थित विपक्षी दलों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को और तेज कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को मौजूदा संसदीय सत्र में विधेयक को फिर से पेश करने की योजना को दृढ़ता से दोहराया।