Breaking News

ऑस्ट्रेलिया का दौरा पूरा कर ऑकलैंड रवाना: न्यूजीलैंड में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे पीएम मोदी     |   बिहार के पेंशनधारियों को बड़ी सौगात: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज भेजेंगे राशि     |   बेंगलुरु साउथ में संदिग्ध फ़ूड पॉइज़निंग के बाद एक स्कूल के 11 छात्र अस्पताल में भर्ती     |   12% से ज्यादा अल्कोहल वाली दवा अब बिना पर्चे के नहीं मिलेगी, सरकार का बड़ा फैसला     |   उत्तर प्रदेश में मॉनसून का कहर, 7 की मौत: पश्चिमी यूपी के जिलों में रेड अलर्ट जारी     |  

लोकसभा में पेश हुआ 'जी राम जी' विधेयक, विपक्ष ने महात्मा गांधी का नाम हटाने का किया विरोध

Delhi: सरकार ने विपक्ष के तीखे विरोध के बीच मंगलवार को लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पेश किया, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर लाया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ (विकसित भारत- जी राम जी) विधेयक, 2025’ पेश करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी।

विपक्षी सदस्यों ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना उनका अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक को वापस लिया जाए या फिर संसदीय समिति के पास भेजा जाए।

शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘महात्मा गांधी हमारे दिलों में बसते हैं।’’ उनका कहना था कि मोदी सरकार महात्मा गांधी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर आधारित कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘कांग्रेस की सरकार ने भी जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला था तो क्या यह पंडित जवाहरलाल नेहरू का अपमान था?’’

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने मनरेगा पर 8.53 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने बताया, ‘‘हम इस विधेयक में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दे रहे हैं। यह कोई कोरी गारंटी नहीं है, बल्कि 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है।’’ उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि महात्मा गांधी ने भी रामराज्य की कल्पना की थी और उनके आखिरी शब्द भी ‘हे राम’ थे।