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समय पर ITR दाखिल न करने वाले भी रिफंड का कर सकेंगे दावा, लोकसभा में नया आयकर विधेयक पारित

New delhi: लोकसभा ने सोमवार को आयकर संबंधी उस नए विधेयक को स्वीकृति प्रदान कर दी, जो आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा। ये नया विधेयक लोगों को तय समय के अंदर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाने पर भी टीडीएस रिफंड का दावा करने की अनुमति प्रदान करेगा।

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विपक्ष के सदस्यों की नारेबाजी के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर (संख्यांक 2) विधेयक, 2025 लोकसभा में पारित करने के लिए पेश किया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से अनुमोदित किया।

इस विधेयक में प्रवर समिति की लगभग सभी सिफारिशों को शामिल किया गया है। ये विधेयक मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा, जिसमें बीते कुछ साल में कई संशोधन किए गए हैं। ये वर्तमान अधिनियम के मूल कर प्रावधानों को बरकरार रखता है और मुख्य रूप से भाषा को सरल बनाने और गैर जरूरी प्रावधानों को हटाने का प्रावधान करता है।

विधेयक के उद्देश्यों और कारणों में कहा गया है, ‘‘प्रवर समिति की लगभग सभी सिफारिशें सरकार द्वारा स्वीकार कर ली गई हैं। इसके अलावा, हितधारकों से ऐसे बदलावों के बारे में सुझाव मिले हैं जो प्रस्तावित कानूनी अर्थ को और अधिक सटीक रूप से व्यक्त करेंगे।’’

सरकार ने गत 13 फरवरी को लोकसभा में आयकर विधेयक, 2025 पेश किया था। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली प्रवर समिति ने इसमें कुछ बदलाव की सिफारिश की थी। उक्त विधेयक को शुक्रवार को सदन में वापस ले लिया गया।

प्रवर समिति ने सुझाव दिया था कि सरकार को उन लोगों के लिए टीडीएस दावों से संबंधित प्रावधानों में बदलाव करना चाहिए जो तय समय सीमा तक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल नहीं कर पाते। संशोधित विधेयक के अनुसार, लोगों को मूल आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रदान की गई वैधानिक समय सीमा के बाद आयकर रिटर्न दाखिल करने की स्थिति में टीडीएस रिफंड का दावा करने की अनुमति होगी।

विधेयक के कथन में कहा गया है, ‘‘मसौदे की प्रकृति, वाक्यांशों के संरेखण, परिणामी परिवर्तनों और परस्पर संदर्भों में सुधार किए गए हैं। इसलिए, सरकार ने प्रवर समिति की रिपोर्ट के अनुसार आयकर विधेयक, 2025 को वापस लेने का फैसला लिया। परिणामस्वरूप, आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेने के लिए आयकर (संख्यांक 2) विधेयक, 2025 तैयार किया गया है।’’