दिल्ली में छठ महापर्व की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और रोशनी का पूरा इंतजाम किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस वर्ष दिल्ली में पिछले साल के मुकाबले अधिक छठ घाट बनाए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस बार 1400 से अधिक घाट विकसित किए जाने की संभावना है, जबकि पिछले वर्ष 1326 घाट बनाए गए थे। मुख्यमंत्री ने घाटों की मूलभूत तैयारियां 6 नवंबर तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, छठ महापर्व के अवसर पर सोमवार, 16 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश रखने के निर्देश भी दिए।
13 से 16 नवंबर तक चलेगा छठ महापर्व
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि इस वर्ष छठ पूजा 13 नवंबर से शुरू होकर 16 नवंबर तक चलेगी। नवंबर में संभावित ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बड़े और मध्यम आकार के घाटों पर जरूरत के अनुसार टेंट लगाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि पूजा से दो दिन पहले सभी प्रमुख व्यवस्थाएं पूरी हो जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय घाटों पर पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण करने और कमियों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।
महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और पर्याप्त शौचालय
सीएम रेखा गुप्ता ने सभी घाटों पर पर्याप्त शौचालय और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाटों के साथ आसपास के पूरे क्षेत्र में भी सफाई का ध्यान रखा जाए।
संध्या अर्घ्य से पहले, शाम की पूजा के बाद और सुबह उषा अर्घ्य के बाद तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। 15 और 16 नवंबर को श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ को देखते हुए सफाई कर्मचारियों और अतिरिक्त टीमों को सक्रिय रखने के लिए कहा गया। घाटों पर बड़े डस्टबिन लगाए जाएंगे और कचरे को लगातार हटाया जाएगा।
घाटों तक जाने वाली सड़कें होंगी दुरुस्त
मुख्यमंत्री ने घाटों तक पहुंचने वाली सड़कों की मरम्मत करने और रास्तों से गड्ढे, मलबा व अन्य बाधाएं हटाने के निर्देश दिए। धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव करने और उपलब्ध मशीनों का जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करने को कहा गया। उन्होंने घाटों तक आने-जाने वाले रास्तों पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी मार्ग पर अंधेरा न रहे।
बड़े घाटों पर सीसीटीवी से होगी निगरानी
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बड़े और भीड़भाड़ वाले घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और निगरानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। बड़े घाटों के पास फायर टेंडर तैनात रखने तथा दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाने को कहा गया।
ट्रैफिक पुलिस स्थानीय आयोजकों के साथ मिलकर पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन और जरूरत पड़ने पर सड़क बंद करने की जानकारी पहले से साझा करेगी। मुख्यमंत्री ने आपातकालीन सहायता और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां समय रहते पूरी करने पर जोर दिया।
मॉडल घाटों पर लगेंगी एलईडी स्क्रीन
मुख्यमंत्री ने मॉडल छठ घाटों पर स्वागत द्वार लगाने और बड़े घाटों पर एलईडी स्क्रीन के जरिए छठ पूजा से जुड़ी सामग्री दिखाने के निर्देश दिए। इन स्क्रीन पर दिल्ली सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े वीडियो भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
इस बार छठ पूजा के अवसर पर विदेशी राजदूतों और उच्चायुक्तों को भी आमंत्रित करने की योजना है। इसके लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के समन्वय से सूर घाट या किसी अन्य उपयुक्त घाट पर आयोजन की संभावना तलाशने को कहा गया है।
रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी होगी व्यवस्था
छठ के दौरान बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने रेल मंत्रालय के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए। रेलवे स्टेशनों के अलावा बसों से यात्रा करने वाले लोगों की सुविधा पर भी ध्यान दिया जाएगा।
आईएसबीटी पर जरूरी सूचनाएं, बैनर और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर सिविल डिफेंस के कर्मचारियों की मदद भी ली जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि छठ महापर्व लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। सरकार का प्रयास है कि व्रतियों और उनके परिवारों को पूजा के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिले।