Breaking News

'दिल्ली की हवा में 30 सिगरेट पीने जैसा जोखिम झेल रहे लोग', प्रदूषण पर SC ने कहा     |   UP पुलिस को मिले 4,543 नए दरोगा, CM योगी ने बांटे नियुक्ति पत्र     |   पटना में पुलिस-STF का बड़ा एक्शन, मुठभेड़ में 3 अपराधी ढेर     |   योगी सरकार का बड़ा फैसला, आपदा में मौत पर अब परिवार को मिलेंगे 8 लाख रुपये     |   हिमाचल प्रदेश में तड़के सुबह भूकंप के झटके, चंबा में दर्ज हुई 3.2 तीव्रता     |  

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला रखा सुरक्षित

New Delhi: उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां रखने के आरोपों से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत मांगी है।

न्यायमूर्ति जे.के. महेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने कांग्रेस नेता की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा। खेड़ा ने कहा कि यदि उन्हें दर्ज मामले में अग्रिम जमानत नहीं मिलती है, तो गिरफ्तारी पूर्व जमानत का पूरा उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।

खेड़ा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सुनवाई के विषय हैं और उन्हें गिरफ्तार कर अपमानित करना आवश्यक नहीं है। उन्होंने यह भी दलील दी कि उनके खिलाफ लगाई गई धाराओं में से कुछ जमानती हैं, जबकि अन्य में गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है।

असम सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि खेड़ा ने मुख्यमंत्री की पत्नी के पासपोर्ट की फर्जी और छेड़छाड़ की गई प्रतियां पेश की हैं। उन्होंने कहा कि खेड़ा फरार हैं और वीडियो जारी कर रहे हैं तथा मुख्यमंत्री की पत्नी की कई नागरिकताएं होने के सभी आरोप गलत हैं।

खेड़ा ने 24 अप्रैल के गुवाहाटी उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया गया था। इन आरोपों के बाद मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा ने खेड़ा और अन्य के खिलाफ गुवाहाटी अपराध शाखा थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामले दर्ज कराए थे।

इससे पहले तेलंगाना उच्च न्यायालय ने खेड़ा को सात दिन की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी लेकिन असम पुलिस ने इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया। शीर्ष अदालत ने अंतरिम आदेश देते हुए ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी थी और खेड़ा को गुवाहाटी उच्च न्यायालय जाने को कहा था।