दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के लिए अब तक कोई अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में लोगों से किसी भी अनधिकृत जमावड़े में शामिल नहीं होने और कानून का पालन करने की अपील की गई है। अधिकारी ने कहा कि शनिवार को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।
निषेधाज्ञा लागू, हिंसा करने वालों पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने, आम लोगों की सुरक्षा और यातायात की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एहतियातन यह तैनाती की गई है। संबंधित इलाके में निषेधाज्ञा भी लागू है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि हिंसा करने या सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महिला प्रदर्शनकारियों को लेकर पुलिस को विशेष निर्देश
प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। उन्हें अनावश्यक टकराव से बचने को कहा गया है। इसके अलावा, पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट खबरों और सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।
पुलिस के अनुसार, किसी भी जानकारी पर विश्वास करने या उसे आगे साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है। लोगों से दिल्ली पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और सत्यापित माध्यमों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करने को कहा गया है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कई छात्र संगठन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध कर रहे हैं। इन संगठनों का आरोप है कि SIR के नाम पर देशभर में लाखों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है।