राष्ट्रपति भवन ने शुक्रवार को संसद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन पर कांग्रेस पार्टी के नेताओं की टिप्पणियों को "दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह से टालने योग्य" बताया। राष्ट्रपति भवन ने कहा कि इन बयानों से राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंची है। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि ये नेता हिंदी जैसी भारतीय भाषाओं के मुहावरे और विमर्श से वाकिफ नहीं हों, इसलिए इस तरह की गलत धारणा बना ली।
राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा, "किसी भी मामले में ऐसी टिप्पणियां गलत, दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह से टालने योग्य हैं।" शुक्रवार को राष्ट्रपति की तरफ से संसद की संयुक्त बैठक में अपना अभिभाषण खत्म करने के तुरंत बाद, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को अभिभाषण पर चर्चा करते देखा गया। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में सोनिया गांधी को कथित तौर पर ये कहते हुए सुना गया, ‘‘राष्ट्रपति, आखिर तक बहुत थक गई थीं...बेचारी, वो मुश्किल से बोल पा रही थीं।"
राष्ट्रपति भवन ने कहा, "संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर मीडिया को प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं ने ऐसी टिप्पणियां की हैं, जो स्पष्ट रूप से पद की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, इसलिए ये अस्वीकार्य हैं।" राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के मुताबिक, इन नेताओं ने कहा है कि राष्ट्रपति अंत तक ‘‘बहुत थक गई थीं’’ और वो मुश्किल से बोल पा रही थीं।
बयान में कहा गया, "राष्ट्रपति भवन ये स्पष्ट करना चाहता है कि ये धारणा पूरी तरह गलत है। राष्ट्रपति किसी भी समय थकी नहीं थीं। वास्तव में उनका मानना है कि हाशिए पर पड़े समुदायों, महिलाओं और किसानों के लिए बोलना, जैसा कि वो अपने संबोधन के दौरान कर रही थीं, कभी भी थकाऊ नहीं हो सकता है।"