New Delhi: चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए उन आरोपों को "निराधार" बताया है, जिनमें कहा गया था कि चुनाव आयोग बीजेपी के लिए "वोट चोरी" में शामिल है। आयोग ने अपने अधिकारियों से ऐसी "गैर-ज़िम्मेदाराना" टिप्पणियों को नज़रअंदाज़ करने को कहा।
चुनाव आयोग के खिलाफ अपना अभियान जारी रखते हुए राहुल गांधी ने दावा किया था कि उनके पास चुनाव आयोग द्वारा कथित चुनावी अनियमितताओं के "खुले और बंद" सबूत हैं और कहा था कि आयोग को छिपने की कोई जगह नहीं मिलेगी।
गांधी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग ने कहा, "चुनाव आयोग रोज़ाना लगाए जा रहे ऐसे निराधार आरोपों को नज़रअंदाज करता है और रोजाना दी जा रही धमकियों के बावजूद सभी चुनाव अधिकारियों से ऐसे गैर-ज़िम्मेदाराना बयानों को नज़रअंदाज करने और निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से काम करने की अपील करता है।"
लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने कथित चुनावी अनियमितताओं पर अपनी पार्टी के पास मौजूद सबूतों की तुलना "परमाणु बम" से की और कहा कि जब ये फटेगा तो चुनाव आयोग के पास देश में छिपने की कोई जगह नहीं होगी। गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी को 2023 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों, उसके बाद लोकसभा चुनावों और फिर महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में चुनावी अनियमितताओं का संदेह है।