Republic Day 2026: 26 जनवरी, 2026 को 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी। इनमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 17 और मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की 13 झांकियां होंगी। "स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम" और "समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत" की थीम पर आधारित झांकियां राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरा होने के साथ भारत की आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक विविधता को दिखलाएंगी।
गुजरात की झांकी में मैडम भीकाजी कामा का योगदान दिखाया जाएगा। उन्होंने 1907 में जर्मनी में शुरुआती राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। स्वदेशी की ये जंग महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन तक पहुंची। ये झांकी स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन और विदेशी सामानों के बहिष्कार को भारत के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख स्तंभ के रूप में दिखाती है।
इस साल गणतंत्र दिवस पर गुजरात पर खास ध्यान है। राज्य की झांकी में तिरंगे की गौरवशाली यात्रा दिखाई जाएगी। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आत्मनिर्भरता के आदर्शों तक का सफर होगा। वंदे मातरम के महत्व के बारे में बताते हुए ये झांकी देशभक्ति के प्रतीकों और राष्ट्रीय ध्वज के विकास को सामने लाएगी।