फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो भारत दौरे पर पहुंचे हैं, जहां वह इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेंगे। इस समिट में भाग लेने के लिए उनके आगमन पर कौशल विकास व उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत सिंह ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो का हार्दिक स्वागत है। उन्होंने बताया कि यह दौरा भारत और फिनलैंड के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करेगा, खासतौर पर डिजिटल, एआई, सतत विकास और शिक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन 16 फरवरी से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जा रहा है, जिसमें दुनियाभर के नेता, नीति-निर्माता और टेक उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई बुधवार को ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। वह 20 फरवरी को समिट में मुख्य भाषण (कीनोट एड्रेस) देंगे। भारत पहुंचने के बाद पिचाई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट के लिए फिर से भारत आकर अच्छा लगा। हमेशा की तरह बेहद गर्मजोशी से स्वागत हुआ और अखबार भी शानदार लगे।
इस बीच, प्रधानमंत्री ने एएनआई की टेक्स्ट सेवा को दिए एक विशेष साक्षात्कार में आईटी उद्योग पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव और सरकार की रणनीति पर बात की। उन्होंने कहा कि भारत का आईटी सेक्टर सेवाओं के निर्यात की रीढ़ रहा है और आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बना हुआ है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को एआई इम्पैक्ट समिट में युवाओं के उत्साह और बड़ी संख्या में उनकी भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति युवाओं का सकारात्मक नजरिया देश और दुनिया के लिए एक नए भविष्य की उम्मीद जगाता है।
रिसर्च सिम्पोजियम के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए वैष्णव ने बताया कि समिट में भारी संख्या में युवाओं की उपस्थिति देखने को मिली। उन्होंने कहा कि करीब 2.5 लाख लोगों ने भाग लिया और युवाओं का आशावाद बेहद प्रेरणादायक रहा। उनके अनुसार, युवाओं की ऊर्जा और एआई को लेकर उनकी सोच यह संकेत देती है कि आने वाले समय में भारत तकनीक के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत एआई का इस्तेमाल वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए कर रहा है। वैष्णव ने कहा कि देश का दृष्टिकोण समावेशी है और एआई को विभिन्न क्षेत्रों में लागू किया जा रहा है, जैसे एंटरप्राइज उत्पादकता बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, कृषि क्षेत्र में सुधार लाने और जनसंख्या स्तर की चुनौतियों का समाधान करने में।