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आग बूझने के 3 दिन बाद भी नहीं थम रही गाजीपुर लैंडफिल साइट के पास रहने वाले लोगों की परेशानियां

दिल्ली में ग़ाज़ीपुर लैंडफिल साइट के आसपास रहने वाले लोग कूड़े के पहाड़ में आग लगने के बाद से आंखों में जलन की तकलीफ झेल रहे हैं। आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि कूड़े के पहाड़ से निकलने वाली जहरीली गैसों के कारण उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

जहरीली गैसें अक्सर हादसे का कारण बनती हैं। खासकर गर्मी मौसम में, जब तापमान बहुत बढ़ जाता है। आग लगने पर ये पूरा इलाका धुंए की चादर से ढक जाता है। परेशानी को और बढ़ाने वाली बात ये है कि लैंडफिल के पास ही एक नाली है जिसकी वजह से मच्छर भी पनपते रहते हैं। गाजीपुर में रहने वाले लोगों के मुताबिक यहां के लोग सांस की बीमारियों के अलावा मलेरिया और डेंगू से बीमार होते रहते हैं।

मेडिकल एक्सपर्ट और डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक लैंडफिल साइट के आस-पास रहने से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। लैंडफिल के आस पास के इलाकों में रहने को मजबूर लोगों को शिकायत है कि सरकारों ने वादे तो बहुत किए लेकिन किया कुछ नहीं। पर्यावरणविदों का कहना है कि अब समय आ गया है कि सियासी दल स्वच्छ हवा को अपने एजेंडे का हिस्सा बनाएं। गाजीपुर लैंडफिल साइट के एक हिस्से में 21 अप्रैल को आग लग गई थी, जिसके बाद आस-पास का इलाका और प्रदूषित हो गया है।