नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली बिहार की लोक-संस्कृति की खुशबू और आधुनिक प्रगति की चमक से सराबोर हो उठी है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर, चाणक्यपुरी स्थित बिहार निवास में चार दिवसीय भव्य प्रदर्शनी का बृहस्पतिवार से औपचारिक शुभारंभ हो गया। यह आयोजन न केवल बिहार की समृद्ध विरासत को समेटे हुए है, बल्कि राज्य की बढ़ती आर्थिक ताकत और तकनीक को भी राष्ट्रीय पटल पर मजबूती से प्रदर्शित कर रहा है।
परंपरा और तकनीक का अनूठा संगम
यह प्रदर्शनी केवल पारंपरिक शिल्प तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार के औद्योगिक बदलाव की एक मुकम्मल तस्वीर पेश कर रही है। आयोजन के प्रमुख आकर्षण निम्नलिखित हैं:
नवाचार और उद्योग: प्रदर्शनी में ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन बिहार की उभरती उद्यमशीलता और तकनीकी बदलाव का प्रतीक बना हुआ है।
पारंपरिक कला: कुशल कलाकार जीवंत मधुबनी पेंटिंग, टिकुली कला, हैंड एम्ब्रॉयडरी और हस्तनिर्मित गुड़िया निर्माण का सजीव प्रदर्शन कर रहे हैं।
मखाना हब: भारत के कुल मखाना उत्पादन में 85% हिस्सेदारी रखने वाले बिहार के इस 'सुपरफूड' के विभिन्न वैल्यू-एडेड उत्पादों को विशेष तौर पर प्रदर्शित किया गया है।
विभिन्न विभागों के स्टॉल्स सुना रहे प्रगति की कहानी
आयोजन में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के स्टॉल दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। ये स्टॉल राज्य की आर्थिक तरक्की और 'जन-जन की खुशहाली' के रोडमैप को दर्शा रहे हैं:
उद्योग एवं पर्यटन विभाग: निवेश के नए अवसरों और बिहार के पर्यटन स्थलों से संबंधित जानकारी साझा कर रहे हैं।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग: राज्य की कल्याणकारी योजनाओं और विकास की गाथा को डिजिटल व प्रिंट माध्यमों से प्रदर्शित कर रहा है।
सांस्कृतिक रंग और लजीज व्यंजन
प्रदर्शनी में आने वाले आगंतुक बिहार की मिट्टी की सोंधी खुशबू और वहां के सांस्कृतिक वैभव का अनुभव कर रहे हैं:
आहारिका: स्वाद के शौकीनों के लिए 'आहारिका' स्टॉल सबसे पसंदीदा ठौर बना हुआ है। यहाँ मकर संक्रांति विशेष दही-चूड़ा, तिलकुट और विश्व प्रसिद्ध लिट्टी-चोखा जैसे लजीज व्यंजनों का स्वाद चखा जा सकता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम: प्रतिदिन शाम को भोजपुरी और मैथिली लोक गीतों व नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियां दर्शकों का मन मोह लेंगी।