Breaking News

दिल्ली साइबर पुलिस ने 'डिजिटल अरेस्ट' रैकेट का किया भंडाफोड़, बंगाल से तीन गिरफ्तार     |   राघव चड्ढा को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, अंतरिम राहत देने से इनकार     |   बेंगलुरु में KRV कार्यकर्ताओं का BEL सर्कल पर विरोध प्रदर्शन, हिंदी साइनबोर्ड तोड़ा     |   चढ़ावा चोरी मामला: SIT को जांच पूरी करने के लिए मिला 15 दिन का अतिरिक्त वक्त     |   घरेलू ATF की कीमत 1,15,000/किलोमीटर से घटाकर हुई ₹1,10,000/किलोमीटर     |  

बीजेपी के प्रवेश वाही चुने गए एमसीडी के महापौर, मोनिका पंत बनीं उपमहापौर

Delhi: रोहिणी पूर्व से भारतीय जनता पार्टी के पार्षद प्रवेश वाही बुधवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के महापौर चुने गए। महापौर चुनाव में वाही को 156 वोट मिले, जिनमें इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 14 पार्षदों के वोट भी शामिल हैं। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार हाजी जरफ को नौ वोट हासिल हुए। आनंद विहार से बीजेपी पार्षद मोनिका पंत एमसीडी की उप-महापौर चुनी गईं। उन्हें कुल 156 वोट मिले।

बेगमपुर के बीजेपी पार्षद जय भगवान यादव, पहाड़गंज से बीजेपी पार्षद मनीष चड्ढा और शालीमार बाग से आम आदमी पार्टी (एएपी) के पार्षद जलज चौधरी एमसीडी की स्थायी समिति के सदस्य चुने गए। महापौर चुने जाने पर वाही ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा, “हम आने वाले महीनों में दिल्ली को साफ करेंगे। हम दिल्ली के विकास के लिए काम करेंगे।”

इस साल के महापौर चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में कुल 273 वोट थे, जिनमें 249 पार्षद, दिल्ली विधानसभा के मनोनीत 14 विधायक, सात लोकसभा सदस्य और तीन राज्यसभा सदस्य शामिल हैं। जीत के लिए उम्मीदवार को 137 वोट की जरूरत थी। ‘आप’ ने महापौर चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक बयान में कहा कि इस कदम से भाजपा को नगर निकाय का नियंत्रण मिल जाएगा और ‘आप’ को शासन के मार्चे पर सत्ताधारी पार्टी का असली चेहरा उजागर करने में मदद मिलेगी।

भारद्वाज ने कहा, “सभी स्तरों पर सत्ता में होने के बावजूद बीजेपी दिल्ली में कोई बदलाव लाने में नाकाम रही है। भाजपा को काम करना नहीं आता। केवल आम आदमी पार्टी ही काम करना जानती है।” इससे पहले, एमसीडी महापौर का पद ‘आप’ के महेश कुमार खिंची के पास था, जिन्होंने नवंबर 2024 में हुए चुनाव में महज तीन वोट से जीत हासिल की थी।

पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी), उत्तर दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) और दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) को 22 मई 2022 को दिल्ली नगर निगम के तहत एकल इकाई के रूप में पुनर्गठित कर दिया गया था।