Breaking News

‘सभी दल महिला आरक्षण बिल के पक्ष में वोट डालें’, वोटिंग से पहले PM मोदी की अपील     |   हमने 45 दिन में इजरायली दुश्मन के खिलाफ 2184 मिलिट्री ऑपरेशन किए: हिज्बुल्लाह     |   लोकसभा: ‘सरकार हर शंका का समाधान करेगी’, महिला आरक्षण बिल पर बोलीं अनुप्रिया पटेल     |   ‘राजनीति की तस्वीर बदलेगी, चरित्र बदलेगा’, महिला आरक्षण बिल पर बोलीं अनुप्रिया पटेल     |   ‘सदन में हमारी भागीदारी बढ़ाने का समय’, महिला आरक्षण बिल पर बोलीं अनुप्रिया पटेल     |  

UP: नोएडा में वेतन बढ़ाने को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन, कई जगह लगाया जाम

Uttar Pradesh: वेतन बढ़ोतरी समेत अलग-अलग मांगों को लेकर गौतम बुद्ध नगर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में बीते चार दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया और उन्होंने कई जगहों पर जाम लगाया और तोड़फोड़ की। पुलिस अधिकारियों ने ये जानकारी दी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि नोएडा के सेक्टर 63, सेक्टर 62, सेक्टर 15, फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र, सूरजपुर, नॉलेज पार्क क्षेत्र, दादरी क्षेत्र और ईकोटेक- प्रथम के औद्योगिक क्षेत्र में सुबह से ही मजदूरों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि कई जगह पर श्रमिकों ने जाम लगाया और अलग-अलग जगहों पर उनकी पुलिस के साथ नोंक झोंक भी हुई।

अधिकारी ने बताया कि कई जगहों पर श्रमिकों ने उग्र होकर पुलिस पर पथराव किया और कुछ कारों में आग लगाए जाने और कारखानों में तोड़फोड़ की भी खबर है जिसके बाद पुलिस को उन्हें तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

अधिकारी ने बताया कि श्रमिकों ने पुलिस वाहन पर भी हमला किया। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर भारी बल के साथ तैनात हैं, वहीं श्रमिक भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि पुलिस हर स्थिति पर नजर रखे हुए है।

उन्होंने बताया कि श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की कुछ बातें यहां के उद्योगपतियों ने मान ली है और उनसे शांतिपूर्वक आंदोलन समाप्त करने की अपील की जा रही है।
मिश्र के अनुसार श्रमिक अलग-अलग जगह पर प्रदर्शन कर रहे हैं और कोई इनका नेतृत्व नहीं कर रहा है, इस वजह से श्रमिकों तक प्रशासन को अपनी बात पहुंचाने में कठिनाई हो रही है।

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने और पुलिस प्रशासन ने श्रमिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और कानून व्यवस्था अपने हाथ में ना लें। श्रमिकों के आंदोलन के चलते कई जगह पुलिस को वाहनों का मार्ग बदलना पड़ा और सुबह के समय दफ्तर जाते हुए लोग देर तक जाम से जूझते नजर आए।

एक औद्योगिक संगठन के पदाधिकारी ललित ठुकराल ने आरोप लगाया कि यह धरना प्रदर्शन प्रायोजित है और कुछ बाहरी तत्व श्रमिकों को भड़काकर यह धरना प्रदर्शन करवा रहे हैं। उनके अनुसार श्रमिकों की ज्यादातर मांगे मान ली गई है, इसके बावजूद भी श्रमिक काम पर नहीं लौट रहे हैं।

जिलाधिकारी रूपम ने कहा कि उद्योगपतियों और अलग-अलग औद्योगिक संगठनों के नेताओं के साथ हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि शासन के दिशानिर्देश के अनुसार किसी भी श्रमिक को अनावश्यक रूप से सेवा से नहीं निकाला जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा और किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।