उत्तर प्रदेश के बहराइच में सोमवार को हिंसा बढ़ने के बाद सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। हिंसा में घरों, शोरूम और दुकानों को आग लगा दी गई। सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस ने इस मामले में एक शख्स के खिलाफ केस दर्ज किया है। गांव में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के मामले में करीब 30 लोगों को हिरासत में लिया। बहराइच में सामुदायिक हिंसा के दौरान 22 साल के लड़के की मौत हो गई थी।
दरअसल, 13 अक्टूबर की शाम बहराइच के महसी तहसील के हरदी क्षेत्र के महाराजगंज कस्बे में विशेष समुदाय के मोहल्ले से दुर्गा विसर्जन यात्रा निकाली जा रही थी। आरोप है कि इस दौरान डीजे बजाने को लेकर दो समुदायों में हिंसक झड़प हो गई। इस बीच कुछ लोगों ने छत पर चढ़ कर पथराव शुरू कर दिया, विरोध करने पर फायरिंग कर दी, जिसमें रामगोपाल मिश्रा नाम के युवक की मौत हो गई।
घटना में करीब 15 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने रामगोपाल मिश्रा को मृत घोषित कर दिया गया। रामगोपाल की मौत की खबर फैलते ही पूरे जिले में हड़कंप मच गया। लोग सड़कों पर उतर आए। तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा।