Breaking News

ट्रंप का बड़ा एलान, बातचीत जारी रहेगी... लेकिन ईरान के साथ सीजफायर पूरी तरह खत्म     |   मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजवर्गीय बोले- दतिया से आशुतोष तिवारी ही जीतेंगे     |   मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजवर्गीय बोले- दतिया से आशुतोष तिवारी ही जीतेंगे     |   आंध्र प्रदेश: डिप्टी सीएम पवन कल्याण का मुंबई में ऑपरेशन: दाहिने कंधे की साढ़े 3 घंटे चली सर्जरी     |   फ्रांस में लॉरेंस विश्नोई गैंग का एक गैंगस्टर गिरफ्तार     |  

दतिया में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा-163 लागू, सभा-जुलूस पर रोक

Datia:  दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पूरे दतिया अनुभाग में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-163 लागू कर दी है। यह आदेश 10 जुलाई की रात 9 बजे से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।

अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब बिना प्रशासन की अनुमति कोई सभा, जुलूस, रैली या प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन का कहना है कि उपचुनाव के दौरान शांति और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर लाठी, तलवार, भाला, फरसा, चाकू सहित अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर भी रोक लगाई गई है।

सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर, नारे और भाषण के माध्यम से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री के प्रचार-प्रसार पर भी प्रतिबंध रहेगा। बिना अनुमति लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने आदेश में उल्लेख किया है कि 10 जुलाई की रात झांसी-ग्वालियर हाईवे पर हुए चक्का जाम के दौरान 15 से 20 किलोमीटर लंबा जाम लगा था। इस दौरान वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं भी सामने आई थीं। ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसलिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।

प्रशासन ने भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1994, मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 तथा ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों का भी पालन कराया जाएगा।

यह आदेश पुलिस, होमगार्ड, सीआरपीएफ, केंद्रीय सुरक्षा बलों तथा प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारियों पर उनके शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान लागू नहीं होगा।प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।