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दिल्ली नौसेना भवन का कर्मचारी गिरफ्तार, पाकिस्तानी हैंडलर को दे रहा था 'ऑपरेशन सिंदूर' की खुफिया जानकारी

नई दिल्ली स्थित नौसेना भवन में काम करने वाले एक बाबू (अपर डिवीजन क्लर्क -यूडीसी) को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने पैसों के लिए एक पाकिस्तानी जासूस को संवेदनशील रक्षा जानकारी उपलब्ध करवाई। राजस्थान पुलिस की खुफिया शाखा ने आरोपी विशाल यादव को बुधवार को गिरफ्तार किया था। 

पुलिस महानिरीक्षक (सीआईडी-सुरक्षा) विष्णु कांत गुप्ता ने गुरुवार को बताया कि आरोपी विशाल यादव ने एक पाकिस्तानी जासूस को गोपनीय जानकारी साझा की जिसमें "ऑपरेशन सिंदूर" से संबंधित विवरण शामिल है। इस कथित पाकिस्तानी महिला जासूस ने खुद को भारतीय युवती प्रिया शर्मा बताया था। 

विष्णु कांत गुप्ता ने कहा, "यादव ने जानकारी देने के बदले कुल मिलाकर लगभग दो लाख रुपये प्राप्त करने की बात कबूल की है।" उन्होंने कहा, "इसमें ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित जानकारी लीक करने के लिए 50,000 रुपये शामिल थे। कुछ भुगतान यूएसडीटी के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में भी किए गए थे।" 

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सैन्य बलों ने ‘‘ऑपरेशन सिंदूर’’ चलाया था जिसके तहत पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। 

खुफिया सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी महिला जासूस ने विशाल यादव से पहली बार फेसबुक पर संपर्क किया गया और कथित जासूस ने अपनी नकली पहचान "प्रिया शर्मा" बातकर आरोपी को 'फ्रेंड रिक्वेस्ट' भेजी। दोनों के बीच नियमित संवाद होने लगा और वो व्हाट्सएप और बाद में टेलीग्राम पर भी बातचीत करने लगे। 

अधिकारियों के अनुसार, विशाल यादव को शुरुआत में 'मामूली' जानकारी के लिए 5,000-6,000 रुपये का छोटा भुगतान मिला। हालांकि, पाकिस्तानी जासूस ने कथित तौर पर उसे अधिक पैसा पाने के बदले में ज्यादा 'महत्वपूर्ण' खुफिया जानकारी देने के लिए उकसाया। तभी विशाल यादव ने महत्वपूर्ण रक्षा-संबंधी जानकारी साझा करना शुरू कर दिया। 

पुलिस महानिरीक्षक (सीआईडी-सुरक्षा) गुप्ता ने कहा, "उसे पैसे का लालच दिया गया और उसने नौसेना मुख्यालय से संवेदनशील जानकारी लीक कर दी।" उन्होंने कहा, ‘‘उसकी सोशल मीडिया गतिविधि की निगरानी करने और एक पाकिस्तानी जासूस के साथ उसके संबंधों की पुष्टि के बाद, उसे संयुक्त पूछताछ के लिए जयपुर में हिरासत में लिया गया।" 

आरोपी मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले के पुनसिका गांव का रहने वाला है। बताया जाता है कि वो ऑनलाइन गेमिंग का भी आदी है। विशाल यादव के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में कथित तौर पर वित्तीय लेनदेन, संवेदनशील संदेश और जासूस के साथ गोपनीय रक्षा डेटा साझा किए जाने सहित व्यापक सबूत मिले हैं। जांच जारी है और अधिकारी उसके क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन और संपर्क का भी पता लगा रहे हैं।