Uttar Pradesh: कांग्रेस ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक दलित शख्स की हत्या की निंदा करते हुए इसे मानवता और संविधान की हत्या बताया और कहा कि ये सामूहिक नैतिकता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है क्योंकि हिंसा किसी भी सभ्य समाज की पहचान नहीं हो सकती। एक संयुक्त बयान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मॉब लिंचिंग, बुलडोजर से अन्याय और भीड़तंत्र "हमारे समय की भयावह पहचान" बन गए हैं।
पुलिस ने सोमवार को बताया कि 40 साल के दलित हरिओम की कथित तौर पर ग्रामीणों ने रात के जागरण के दौरान चोर समझकर पीट-पीटकर हत्या कर दी। ये अफवाह थी कि एक गिरोह घरों पर डकैती के लिए ड्रोन से निगरानी कर रहा है। एक्स पर किए एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि हरिओम की नृशंस हत्या केवल एक आदमी की हत्या नहीं है, बल्कि मानवता, संविधान और न्याय की हत्या है।
उन्होंने कहा, "आज भारत में दलितों, आदिवासियों, मुसलमानों, पिछड़े वर्गों और गरीबों समेत हर उस आदमी को निशाना बनाया जा रहा है जिसकी आवाज कमज़ोर है, जिसका हिस्सा छीना जा रहा है और जिसकी जान सस्ती समझी जाती है, उसको निशाना बनाया जा रहा है।" उन्होंने कहा, "इस देश में नफ़रत, हिंसा और भीड़तंत्र को सत्ता का संरक्षण हासिल है, जहां संविधान की जगह बुलडोजरों ने और न्याय की जगह भय ने ले ली है।"
हरिओम के परिवार के साथ एकजुटता दिखाते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। भारत का भविष्य समानता और मानवता पर टिका है और ये देश संविधान से चलेगा, न कि भीड़तंत्र की सनक से।" संयुक्त बयान साझा करते हुए, खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "कांग्रेस पार्टी रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की नृशंस और क्रूर हत्या की कड़ी निंदा करती है।"
अपने संयुक्त बयान में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हमारे देश का एक संविधान है, जो हर इंसान को समान मानता है और एक ऐसा कानून है, जो हर नागरिक की सुरक्षा, अधिकार और अभिव्यक्ति को समान दर्जा देता है।
संयुक्त बयान में कहा गया, "रायबरेली में जो हुआ वो इस देश के संविधान के खिलाफ एक गंभीर अपराध है। ये दलित समुदाय के खिलाफ अपराध है और इस देश व समाज पर एक कलंक है।"
बयान में आगे कहा गया, "देश में दलितों, अल्पसंख्यकों और गरीबों के विरुद्ध अपराधों की संख्या बेतहाशा बढ़ गई है। ये हिंसा सबसे ज़्यादा उन लोगों के खिलाफ है, जो वंचित हैं, बहुजन हैं और जिनकी न तो पर्याप्त भागीदारी है और न ही प्रतिनिधित्व।"
उन्होंने ये भी कहा, "चाहे हाथरस और उन्नाव में महिलाओं के खिलाफ अपराध हों, रायबरेली में हरिओम की हत्या हो या हाल ही में रोहित वेमुला की संस्थागत हत्या हो, मध्य प्रदेश में एक नेता द्वारा आदिवासी युवक पर पेशाब करने की अमानवीय घटना हो, ओडिशा और मध्य प्रदेश में दलितों की बर्बर पिटाई हो, या हरियाणा में पहलू खान और उत्तर प्रदेश में अखलाक की हत्या हो, हर घटना हमारे समाज, प्रशासन और सत्ताधारियों की बढ़ती असंवेदनशीलता को दर्शाती है।"
खरगे और गांधी ने आरोप लगाया कि साल 2014 के बाद से मॉब लिंचिंग, बुलडोजर अन्याय और भीड़तंत्र जैसे चलन हमारे समय की भयावह पहचान बन गए हैं। उन्होंने कहा, "हिंसा किसी भी सभ्य समाज की पहचान नहीं हो सकती, इसलिए हरिओम के साथ जो हुआ वो हमारी सामूहिक नैतिकता पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।"
उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपनों का भारत और महात्मा गांधी के "वैष्णव जन" का भारत सामाजिक न्याय, समानता और करुणा का भारत है, जिसमें ऐसे अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि मानवता ही एकमात्र रास्ता है।
बयान में कहा गया है, "कांग्रेस पार्टी समाज के हाशिए पर पड़े और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। हम नागरिकों से इस अन्याय के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान करते हैं। ये लड़ाई तब तक जारी रहनी चाहिए जब तक कि हर भारतीय के अधिकार और जीवन की गरिमा पूरी तरह सुरक्षित न हो जाए।"
उन्होंने बताया कि मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कथित लापरवाही के लिए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी दलितों और अन्य पिछड़ी जातियों सहित विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमि से आते हैं। पुलिस ने निवासियों से घटना के बारे में कोई भी जाति-संबंधी अफवाह न फैलाने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोमवार को हरिओम के परिवार से मुलाकात की और दावा किया कि राहुल गांधी का नाम लेने पर पीड़ित की पिटाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में "जंगल राज" व्याप्त है। गांधी ने पीड़ित के भाई से फोन पर बात की और उसे हर संभव मदद का भरोसा दिया।
पुलिस ने बताया कि बुधवार रात, हरिओम अपनी पत्नी पिंकी और बेटी अनन्या से मिलने के लिए ऊँचाहार कस्बे के नई बस्ती इलाके में अपने ससुराल जा रहा था, तभी जमुनापुर चौराहे के पास कुछ ग्रामीणों को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ और उन्होंने उससे पूछताछ शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि जब वह उनके सवालों का जवाब नहीं दे पाया, तो ग्रामीणों ने उसे चोर समझकर बेरहमी से पीटा।