इंजीनियरिंग एंट्रेस एग्जाम की तैयारी कराने वाले नामचीन संस्थान फिटजी ने अचानक शटडाउन करना शुरू कर दिया है। मेरठ सहित वेस्ट यूपी के गाजियाबाद और नोएडा में फिटजी का कोचिंग सेंटर बंद कर दिया गया है। पेरेंट्स का आरोप है कि संस्थान ने 2 साल की एडवांस फीस पहले ही भुगतान करा ली। अचानक सेंटर बंद करके भाग गया।
संस्थान संचालक कहां है, सेंटर कब खुलेगा इसकी कोई जानकारी पेरेंट्स को नहीं दी जा रही। यहां तक कि कोचिंग वाले किसी से बात भी नहीं कर रहे। इस तरह छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले हजारों स्टूडेंट्स तनाव में हैं, अब उनका क्या होगा?
वहीं पेरेंट्स भी दिनरात अफसरों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही। मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा में लगातार इसको लेकर अभिभावकों के प्रदर्शन भी जारी हैं।
आपको बता दे मेरठ में फिटजी कोचिंग सेंटर के खिलाफ पेरेंट्स का गुस्सा फूटा। अभिभावकों ने मेरठ एसएसपी डॉ. विपिन ताडा से मुलाकात कर कोचिंग संचालकों के खिलाफ शिकायत दी है। इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले तमाम छात्रों के पेरेंट्स एसएसपी से मिलने पहुंचे। पेरेंट्स ने कहा कि फिटजी ने अचानक बिना किसी प्री इंफारमेशन के सेंटर शटडाउन कर दिया है। इसके कारण स्टूडेंट्स की पढ़ाई अधर में अटक गई है। दो साल की एडवांस फीस लेकर संस्थान ने अचानक सेंटर बंद कर दिया। हमारे बच्चों का करियर चौपट हो गया है। हमें न्याय चाहिए। एसएसपी ने सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिविल लाइंस को पूरे मामले की जांच के लिए कहा है।
मीडिया से बात करते हुए अभिभावकों ने बताया कि आज से लगभग 6 महीने पहले महाराष्ट्र व अन्य शहरों में फिटजी के सेंटर अचानक बंद हुए। तब हम लोगों ने मेरठ सेंटर पर जाकर वहां सेंटर हेड और स्टाफ दोनों से पूछा कि मेरठ में भी ऐसा हो रहा है क्या। तो उन लोगों ने साफ कहा ऐसा कुछ नहीं है। आप बच्चों को पढ़ाएं। 400 से ज्यादा बच्चों से 2 साल की एडवांस फीस जमा कराई गई है। 6 लाख से ज्यादा रकम प्रति बच्चे हिसाब से करोड़ों रुपया एडवांस में जमा कराया गया है।
मेरठ में पेरेंट्स ने कहा कि अचानक 3 दिन पहले सेंटर शटडाउन कर दिया। बताया नहीं जा रहा सेंटर कब खुलेगा, खुलेगा भी या नहीं। हमारे बच्चों की पढ़ाई अटक गई। बच्चे डिप्रेशन में हैं उनका पेपर है उनका पूरा करियर चौपट है। पेरेंट्स ने कहा कि 5 दिन पहले सेंटर के 11 टीचर्स ने मॉस रिजाइन कर दिया। सारे टीचर दूसरे इंस्टीट्यूट में चले गए। लेकिन बच्चे क्या करें।
दूसरे संस्थान में गए टीचर हमें फोन करके कह रहे हैं कि अपने बच्चों को आकाश इंस्टीट्यूट में ज्वाइन करा दो। यहां पढ़ाई करा देंगे, कोर्स कंप्लीट करा देंगे। लेकिन हम तो एडवांस फीस दो साल की दे चुके हैं अब उसका क्या होगा। संस्थान ने हमारे साथ धोखा किया है। पेरेंट्स ने कहा कि मेरठ सेंटर हेड गौरव शर्मा, प्रशांत शर्मा पर आरोप लगाए। संस्थान के निदेशक डीके गोयल पर भी एक्शन लिया जाए। छात्रों का मोरल टूट चुका है वो कहीं पढ़ नहीं पा रहे। वो तनाव में हैं।
किसी भी कोचिंग में सालभर की एडवांस फीस न ली जाए। जो फीस कोचिंग एडवांस ले उसे प्रशासनिक कोष में जमा कराया जाए, ताकि उस पैसे से कोचिंग इंस्टीट्यूट के टीचर्स को समय पर सेलरी मिलती रहे। समाधान नहीं हुआ तो हम लीगल एक्शन लेंगे।