मेरठ 100 लोगों का धर्मांतरण करा रहे 10 आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मुख्य आरोपी विनीत पास्टर ने 10 साल पहले ईसाई धर्म अपना लिया था। 5 साल से वह लोगों का ब्रेन वॉश कर रहा था। उसके साथ पूरी टीम काम करती है।
आपको बता दे परतापुर थाना क्षेत्र के शंकरनगर फेज वन का है। रविवार शाम को पुलिस को धर्मांतरण की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो करीब 100 महिला, पुरुष और बच्चे प्रार्थना सभा में मौजूद थे। 5 महिलाओं समेत 10 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया,
जानिए पूरा मामला
मीडिया से बात करते हुए भारतीय किसान मंच के क्षेत्रीय अध्यक्ष गौरव पारासर हिंदू रक्षा दल के जिला प्रभारी अंकुर शर्मा ने बताया कि शंकनगरर फेज वन के एक मकान में यहां साउंड प्रूफ हॉल बना हुआ है। मकान की दूसरी मंजिल पर बने मिनी चर्च में कई जिलों के लोगों को मानसिक बीमारी ठीक करने के बहाने बुलाया जाता था। मसीही प्रार्थना स्थल के नाम पर लोगों का ब्रेन वाश किया जाता था। हर रविवार को प्रार्थना सभा में लोगों से धर्म परिवर्तन कराकर फॉर्म भरवाया जाता था। नया नाम दिया जाता था। बाहर से आए लोगों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था भी रहती थी,यहां 100 से ज्यादा लोगों के धर्मांतरण कराए जाने की सूचना मिली। पुलिस पहुंची तो 80 से 100 लोग वहां मौजूद थे। पकड़े जाने पर आरोपियों ने बताया कि वह मेडिकल कैंप लगा रहे थे, वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सभी लोगों की पूरी फाइल तैयार की जा रही थी। मेडिकल कैंप में इस तरह से कौन आधार कार्ड लेता है। प्रार्थना सभा में लोगों को बाइबल पढ़ाई जा रही थी। हॉल में मसीही प्रार्थना घर लिखा हुआ था। पुलिस मौके से आरोपी विनीत समेत 10 लोगों को पकड़कर थाने ले गई।धर्मांतरण की सूचना पर बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पहुंच थाने पहुंच गए। भाजपा नेता गोपाल शर्मा और सचिन सिरोही ने एएसपी ब्रह्मपुरी अंतरिक्ष जैन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
भाजपा नेताओं का कहना था कि लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। लेकिन मास्टर माइंड की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। एएसपी अंतरिक्ष जैन ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जो भी इसके पीछे हैं, उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
200 से ज्यादा लोगों का करा चुके धर्मांतरण
अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी 200 से 300 लोगों का धर्मांतरण करा चुके हैं। उनके पास से जो डायरी मिली हैं, उनमें लिखे नामों की जानकारी की जा रही है। मुख्य आरोपी विनीत ने धर्म परिवर्तन कराने के बाद मिलने वाली रकम से चार साल पहले शंकरनगर मे मकान लिया था। विनीत आठ साल पहले सुभारती विवि में आर्टिफिशियल दांत बनाने का काम करता था।
इसके बाद वह किसी व्यक्ति के संपर्क में आया और पत्नी पायल, मां गीता और अपने बच्चों के साथ धर्म परिवर्तन कर लिया। इसके बाद से उसने ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया। बताया गया कि विनीत अब तक 300 से अधिक लोगों का धर्म परिवर्तन करा चुका है। लोगों ने बताया कि हर रविवार को बड़ी संख्या में लोग आते थे। विनीत बताता था कि मानसिक बीमारी का इलाज हो रहा है।
ये लोग हिरासत में लिए गए
पुलिस ने मुख्य आरोपी विनीत पास्टर, उसकी पत्नी पायल, मां गीता के अलावा, जॉनी, संगीता, प्रमोद निवासी नई बस्ती टीपीनगर, लव निवासी शंकरनगर, कुनाल निवासी खेड़की मुजक्कीपुर, सतेंद्र कुमार निवासी नंगला जमालपुर, शेषनाथ निवासी आजमगढ, अनोईन निवासी कुंडा, नितिन निवासी देवतापुरम और तीन महिलाओं को हिरासत में लिया गया।
लोगों ने बताया विनीत पास्टर गिरोह का बहुत छोटा सदस्य है। ये बड़ा गैंग है। इनको बाहर से फंडिंग होती है। मेरठ में लगातार ये मामले सामने आ रहे हैं। इनका खुलासा होना चाहिए।
इस पूरे मामले में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनके पास से बड़ी संख्या में रजिस्ट्रर और धार्मिक सामग्री मिली है। आरोपी विनीत पास्टर, उसकी पत्नी पायल व मां गीता, जॉनी पास्टर और संगीता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।