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मुंबई ने 42वीं बार रणजी ट्रॉफी जीती, फाइनल में विदर्भ को 169 रन से हराया

Mumbai: घरेलू दिग्गज मुंबई ने गुरुवार को 42वीं बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता। मुंबई ने आठ साल बाद रणजी ट्रॉफी जीती है। फाइनल मैच के अंतिम दिन मुंबई ने रोमांचक मुकाबले में विदर्भ को 169 रन से हरा दिया। विदर्भ के कप्तान अक्षय वाडकर और हर्ष दुबे ने पहले सत्र में मुंबई को रोके रखा। पहले सत्र में विदर्भ ने पांच विकेट पर 248 रन बना लिए थे। जीत के लिए उसे 290 रन और चाहिए थे, लेकिन पूरी टीम 368 रन पर आउट हो गई।

विदर्भ के कप्तान अक्षय वाडकर ने इस साल अपना पहला शतक लगाया और इस सीजन में 600 रन का आंकड़ा भी पार किया। हर्ष दुबे ने अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर की दूसरी हाफ सेंचुरी लगाई। दोनों ने पारी का सबसे लंबा स्टैंड बनाया। दोनों ने चौथे दिन से लेकर अंतिम दिन का दूसरा सत्र शुरू होने तक 194 मिनट में 255 गेंद का सामना किया।

दूसरे सत्र का खेल शुरू होने के तुरंत बाद वाडकर तनुश कोटियन की गेंद पर लेग बिफोर हो गए। जोड़ी टूटने के बाद मैच का रोमांच लगभग खत्म हो गया। विदर्भ ने अब तक दो बार रणजी ट्रॉफी जीती है। तीसरी बार फाइनल में उसे हार का मिली। तुषार देशपांडे ने शॉर्ट बॉल पर दुबे और आदित्य सरवटे को आउट किया। दुबे ने 128 गेंद पर 65 रन बनाए। आदित्य सरवटे अपनी पारी के दौरान पीठ दर्द से परेशान रहे। 

कोटियन ने छह रन बनाने वाले यश ठाकुर को क्लीन बोल्ड कर चौथा विकेट लिया। धवल कुलकर्णी ने उमेश यादव के रूप में खेल का अंतिम विकेट लिया और सभी फॉर्म के क्रिकेट से संन्यास ले लिया। 
रणजी ट्रॉफी 90 साल से खेली जा रही है। इस बार फाइनल मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया। मेजबान मुंबई ने मेहमान विदर्भ के सामने जीत के लिए 538 रन का लक्ष्य रखा था।