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धोनी ने रो-को के खेलते रहने का किया समर्थन, कहा- टी20 विश्व कप में खतरनाक साबित होगा भारत

भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सीनियर बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा का समर्थन करते हुए कहा है कि उन्हें कोई यह न बताए कि वे खेलना जारी रख सकते हैं या नहीं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय टीम घरेलू धरती पर होने वाले टी20 विश्व कप में खतरनाक साबित होगी।

धोनी ने खेल प्रसारक जतिन सप्रू के साथ एक साक्षात्कार में भारतीय क्रिकेट पर अपने विचार व्यक्त किए। लगभग आधे घंटे की बातचीत के दौरान जब रोहित (38 वर्ष) और कोहली (37 वर्ष) के 2027 वनडे विश्व कप खेलने की संभावना को लेकर बात हुई तो धोनी ने पहले चुटकी लेते हुए कहा कि माफ कीजिए, सवाल क्या है। लेकिन धोनी ने तुरंत ही गंभीर लहजा अपनाते हुए पूछा, ‘‘क्यों नहीं। किसी को विश्व कप क्यों नहीं खेलना चाहिए। मेरे लिए उम्र कोई मापदंड नहीं है। मेरे लिए प्रदर्शन और फिटनेस ही मापदंड हैं।

मेरा मानना है कि किसी को कुछ भी बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए कि सबके साथ एक जैसा व्यवहार किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने पदार्पण किया तब मैं 24 साल का था। किसी ने मुझे कुछ नहीं कहा और अब जब मैं 10 साल या 20 साल से भारत के लिए खेल रहा हूं, तो किसी को आकर मेरी उम्र के बारे में बताने की जरूरत नहीं है।’’

यह 44 वर्षीय खिलाड़ी अब भी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलता है। धोनी ने कहा कि टीम में अनुभव काफी महत्व रखता है। उन्होंने कहा, ‘‘चाहे रोहित हों या विराट या अगले पांच वर्षों में उभरने वाले अन्य खिलाड़ी। वे अगला विश्व कप खेल सकते हैं या नहीं, यह तय करना हमारा काम नहीं है। यह उनका काम है। अगर वे अच्छा खेलते रहते हैं। अगर उनमें देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की इच्छा है, तो फिर वे क्यों नहीं खेल सकते।’’

धोनी ने कहा, ‘‘आपको अनुभवी खिलाड़ी नहीं मिल सकते। आपको 20 साल की उम्र वाला कोई अनुभवी खिलाड़ी नहीं मिल सकता, जब तक कि वह सचिन तेंदुलकर जैसा न हो। आप जानते हैं कि उस उम्र में अनुभव तभी मिलता है जब आप 16 या 17 साल की उम्र में खेलना शुरू करते हैं।’’ धोनी ने कहा कि किसी खिलाड़ी को तब तक अनुभवी नहीं माना जा सकता जब तक कि उसने अपने करियर में लंबे समय तक दबाव का सामना न किया हो।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप 20-25 मैचों को अनुभव कह रहे हैं, तो वे अनुभवी नहीं हैं क्योंकि खिलाड़ियों के लिए दबाव में खेलना महत्वपूर्ण होता है। मुझे वह अनुभव हासिल करने के लिए 80-85 मैच खेलने होंगे और फिर यह सीखना होगा कि अपने मन को कैसे काबू में रखूं, अपनी भावनाओं को कैसे नियंत्रित करूं और दबाव में कैसे अच्छा प्रदर्शन करूं। इसलिए मुझे लगता है कि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का सही संयोजन बहुत महत्वपूर्ण होता है।’’ भारत के मौजूदा मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अब केवल वनडे में खेलने वाले रोहित और कोहली के भविष्य पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है।

धोनी ने कहा कि जो भी खिलाड़ी फिट रहकर अच्छा प्रदर्शन कर सकता है, उसे उम्र की परवाह किए बिना अपनी जगह बनाए रखने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘सभी के साथ समान व्यवहार करना जरूरी है। जो लोग अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, वे टीम में होंगे। जो लोग अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, उन्हें वहां जगह नहीं मिलेगी।अगर कोई खिलाड़ी फिट नहीं है तो आप उसे किसी भी समय बाहर निकाल सकते हैं। अगर वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है तो आप उसका आकलन करेंगे।’’ धोनी ने कहा, ‘‘इसलिए चयन के मामले में किसी भी खिलाड़ी के बारे में कोई सवाल नहीं होना चाहिए। केवल एक ही मानदंड है। आप अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, आप फिट हैं तो खेलना जारी रखिए।’’

इसके बाद चर्चा का रुख भारत और श्रीलंका में सात फरवरी से शुरू होने वाले टी20 विश्व कप की ओर मुड़ गया। धोनी 2007 में इस प्रतियोगिता को जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान थे। जब उनसे सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली मौजूदा टीम की संभावनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भारतीय टीम को साल के इस समय में ओस को लेकर सचेत रहना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत की यह टीम सबसे खतरनाक टीमों में से एक है। एक अच्छी टीम में जो कुछ भी होना चाहिए, वह सब कुछ इसमें मौजूद है। उनके पास विशेष रूप से इस प्रारूप में खेलने का व्यापक अनुभव है।’’

पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘ भारतीय टीम में शामिल खिलाड़ियों ने दबाव में अच्छा प्रदर्शन किया है। मुझे जो चीज परेशान करती है, वह यह है कि मुझे ओस से नफरत है। ओस से बहुत कुछ बदल जाता है। इसलिए जब मैं खेल रहा था, तब भी मुझे ओस से बहुत डर लगता था, क्योंकि इससे टॉस बहुत अहम हो जाता है।’’ धोनी ने कहा, ‘‘किसी भी खिलाड़ी को चोट नहीं लगनी चाहिए। खिलाड़ियों को जो भी भूमिका दी जाए उन्हें उसे बखूबी निभानी चाहिए। यह सबसे खतरनाक टीमों में से एक है।’’