Share Market: स्थानीय शेयर बाजारों में पांच दिन की तेजी के बाद गुरुवार को शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता के बीच बाजार नुकसान में रहा। लेबनान पर इजराइल के हमलों के जवाब में ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने के बाद युद्धविराम समझौते को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
एशिया और यूरोप के अन्य बाजारों में कमजोर रुख, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर निकासी ने भी घरेलू बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 3.27 फीसदी बढ़कर 97.85 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 931 अंक गिरकर 76,631 पर जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 222 अंक टूटकर 23,775 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो, इटरनल लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक सबसे ज्यादा गिरे जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, एनटीपीसी, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एचसीएल टेक सबसे ज्यादा बढ़त में रहे।
क्षेत्रीय स्तर पर बैंक, वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, ऑटो और तेल एवं गैस के शेयरों ने बाजार को नीचे खींचा, जबकि पूंजीगत वस्तुएं, धातुएं, बिजली, स्वास्थ्य सेवा और आईटी शेयरों में मजबूती बनी रही। दक्षिण कोरिया के कोस्पी, जापान के निक्केई, चीन के शंघाई कंपोजिट और हॉन्गकॉन्ग के हैंग सेंग समेत करीब सभी प्रमुख एशियाई बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।
गुरुवार को यूरोपीय बाजार भी नुकसान के साथ कारोबार कर रहे थे।अमेरिकी बाजार बुधवार को बड़ी बढ़त के साथ बंद हुए। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को करीब 2,812 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।