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सुप्रीम कोर्ट से अमेजन को बड़ी राहत, CCI की तरफ से लगा 202 करोड़ का जुर्माना रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन को बड़ी राहत देते हुए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा लगाए गए 202 करोड़ रुपये के जुर्माने को रद्द कर दिया। यह जुर्माना वर्ष 2019 में फ्यूचर कूपन्स प्राइवेट लिमिटेड में अमेजन के निवेश सौदे को लेकर लगाया गया था। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने साथ ही निर्देश दिया कि अमेजन द्वारा जमा की गई किसी भी राशि को आठ सप्ताह के भीतर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि तय समयसीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो ब्याज दर 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत प्रतिवर्ष कर दी जाएगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आठ सप्ताह के बाद बकाया राशि पर 9 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज लागू रहेगा, जब तक पूरा भुगतान नहीं हो जाता। मामला अमेजन द्वारा 2019 में फ्यूचर कूपन्स में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने से जुड़ा है। इस सौदे की कीमत लगभग 1431 करोड़ रुपये थी। फ्यूचर कूपन्स के पास फ्यूचर रिटेल के शेयर भी थे।

दिसंबर 2021 में CCI ने इस सौदे को दी गई अपनी पूर्व मंजूरी को निलंबित कर दिया था। आयोग का आरोप था कि अमेजन ने यह जानकारी नहीं दी कि फ्यूचर कूपन्स डील और उससे जुड़े अन्य समझौते एक ही एकीकृत लेनदेन का हिस्सा थे। CCI ने यह भी आरोप लगाया था कि अमेजन ने भारतीय नियामकों और सिंगापुर स्थित मध्यस्थता न्यायाधिकरण के समक्ष इस सौदे के उद्देश्य और संरचना को लेकर अलग-अलग बयान दिए।

आयोग ने कथित तौर पर सही तरीके से सूचना न देने के लिए अमेजन पर 200 करोड़ रुपये और महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने के लिए अतिरिक्त 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। साथ ही फ्यूचर कूपन्स में अमेजन की हिस्सेदारी को भी स्थगित रखा गया था। अमेजन ने इस आदेश को राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) में चुनौती दी थी, लेकिन NCLT ने 2022 में CCI के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने अमेजन को अंतरिम राहत देते हुए जुर्माने पर रोक लगा दी थी।