जयपुर, 29 नवंबर (भाषा) राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की पहल के तहत लोगों को 'आयकर रिफंड' के नाम पर ठगी को लेकर आगाह किया है।
पुलिस ने इस बारे में परामर्श जारी किया है। इसमें कहा गया है, “ साइबर अपराधी इन दिनों आयकर रिफंड का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। यह धोखाधड़ी मुख्य रूप से एसएमएस और ईमेल के माध्यम से की जा रही है।”
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) विजय कुमार सिंह ने बताया, “साइबर ठग खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताते हैं और पीड़ित को संदेश भेजते हैं कि वे एक बड़ी 'रिफंड' राशि के हकदार हैं। इस राशि को खाते में जमा करने के बहाने वे अत्यंत संवेदनशील वित्तीय जानकारी जैसे बैंक खाते का विवरण, क्रेडिट/डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी और ओटीपी की मांग करते हैं।”
उन्होंने बताया कि इसके अलावा वे एक ‘फिशिंग लिंक’ भी भेजते हैं जिस पर क्लिक करके यह जानकारी भरने को कहा जाता है।
सिंह ने स्पष्ट किया है कि आयकर विभाग आमतौर पर रिफंड के लिए ये विवरण सीधे नहीं मांगता, क्योंकि यह जानकारी पहले ही आईटीआर में दर्ज होती है।
उन्होंने लोगों से इसको लेकर सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि आयकर विभाग कभी भी एसएमएस या ईमेल के जरिए आपसे ओटीपी, पासवर्ड या सीवीवी नहीं मांगता है।
वरिष्ठ अधिकारी ने लोगों से कहा कि वे किसी भी अपरिचित संदेश या ईमेल में दिए गए कर रिफंड से संबंधित लिंक पर कभी क्लिक न करें।
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