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एनएचआरसी ने सार्वजनिक बसों के डिजाइन में 'गंभीर खामी’ पर केंद्र से रिपोर्ट मांगी

नयी दिल्ली, 29 नवंबर (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक शिकायत के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को नोटिस जारी किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कई सार्वजनिक परिवहन बसों के डिजाइन में ‘‘गंभीर खामी’’ है, जिससे यात्रियों की जान को खतरा है।

शिकायत में हाल की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है, जहां बसों में यात्रा के दौरान आग लग गई और कई ऐसी मौतें” हुईं, जो रोकी जा सकती थीं।

कार्यवाही में कहा गया, 'शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सार्वजनिक परिवहन बसों के डिज़ाइन में गंभीर खामी यात्रियों की जान को खतरे में डाल रही है। खासतौर पर, कुछ बसों में ड्राइवर का केबिन यात्री केबिन से पूरी तरह अलग होता है, जिससे आग का समय पर पता लगाना और आपात स्थिति में संवाद करना मुश्किल हो जाता है।'

कार्यवाही के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का ‘‘घोर उल्लंघन’’ है, तथा वाहन निर्माताओं और अनुमोदन प्राधिकारियों की कथित 'प्रणालीगत लापरवाही' को उजागर करता है।

कार्यवाही में कहा गया कि शिकायत में सुरक्षा डिजाइन में सुधार, जवाबदेही तय करने तथा प्रभावित पीड़ितों और परिवारों को मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया है।

एनएचआरसी ने अधिकारियों से 26 नवंबर तक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

कार्यवाही के अनुसार, एनएचआरसी के सदस्य प्रियांक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया।

इसमें कहा गया, ‘‘रजिस्ट्री को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव और केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान, पुणे, महाराष्ट्र के निदेशक को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया जाता है, जिसमें शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने और आयोग के अवलोकन के लिए दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाते हैं।’’

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश