रायपुर, 29 नवंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को कहा कि राज्य में लगभग 80 प्रतिशत नक्सलवाद खत्म हो गया है, जबकि शेष 20 प्रतिशत राज्य के पश्चिमी और दक्षिणी इलाकों के कुछ इलाकों तक ही सीमित है।
शर्मा ने कहा कि इस खतरे को तय समय में पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।
केंद्र सरकार ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है।
छत्तीसगढ़ के गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे उपमुख्यमंत्री ने आज यहां संवाददाताओं से कहा, ''छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद 80 प्रतिशत तक खत्म हो गया है, और सिर्फ 20 प्रतिशत बचा है। यह अबूझमाड़ के पश्चिमी इलाकों, सुकमा और बीजापुर जिलों के दक्षिणी इलाकों के कुछ इलाकों में अभी भी है।''
उन्होंने कहा, ''आज, बस्तर के लोग आखिरकार बिना किसी डर के खुली हवा में सांस ले सकते हैं।''
शर्मा ने भरोसा जताया, ''हालात जल्द ही इतने ठीक हो जाएंगे कि कोई भी शाम को इंद्रावती नदी (जो बस्तर इलाके से होकर बहती है) के किनारे बैठकर एक कप चाय का मजा ले सकेगा।''
उन्होंने कहा कि सरकार को यकीन है कि बस्तर का 'जल, जंगल, ज़मीन' बस्तर के लोगों, खासकर इसके युवाओं का है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, ''बस्तर से एक मजबूत आवाज उठ रही है कि बस्तर के युवा खुद इस इलाके का भविष्य तय करेंगे। वे कहते हैं, हम अपने बस्तर का ख्याल रखेंगे। यह गर्व और बहुत खुशी की बात है।''
बस्तर ओलंपिक्स और 'बस्तर पंडुम' में दिखे जोश के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध युवा इस इलाके की कमान संभालने के लिए तैयार हैं।
शर्मा ने कहा कि पंचायतों और ग्राम सभाओं को मजबूत बनाने से जुड़े सभी कानूनी नियम जल्द ही लागू किए जाएंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने तीन बड़े सुरक्षा हॉटस्पॉट - नक्सलवाद, नार्थ-ईस्ट और जम्मू-कश्मीर का स्थायी समाधान दिया है, शर्मा ने कहा, ''मैंने सुना है कि पहली बार केंद्रीय गृह मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया था कि मंत्रालय में नक्सलवाद, नॉर्थ-ईस्ट और जम्मू-कश्मीर के लिए अलग-अलग सेल खत्म कर देने चाहिए, क्योंकि देश के हर हिस्से को एक जैसी तरक्की करनी चाहिए। आप आज नतीजे देख सकते हैं, जम्मू-कश्मीर उस स्थिति पर पहुंच गया है। नॉर्थ-ईस्ट में विद्रोह लगभग खत्म हो गया है, और नक्सलवाद भी खत्म होने की कगार पर है।''
उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि जो कोई भी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहता है, उसका स्वागत है और सरकार उनके पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी लेगी। इस बीच, नक्सलवाद को खत्म करने के लिए अभियान और सभी जरूरी कार्रवाई पूरी ताकत से जारी रहेंगे।
शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले विधानसभा चुनाव से पहले (नक्सलियों से हिंसा छोड़ने की) अपील की थी। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में और केंद्रीय गृह मंत्री शाह के सहयोग और साफ रणनीति तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन से बस्तर में नक्सलवाद खत्म होने की कगार पर है।
उन्होंने कहा, 'जो लोग आत्मसमर्पण नहीं करना चाहते और हथियार उठाना जारी रखते हैं, उन्हें हमारे सुरक्षाबलों से सही जवाब मिलेगा।'
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रवि कांत