नयी दिल्ली, 29 नवंबर (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) उपचुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) को झटका देते हुए उसके वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राजेश गुप्ता शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।
इस घटनाक्रम पर ‘आप’ की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।
दो बार ‘आप’ विधायक रहे गुप्ता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पार्टी की कर्नाटक इकाई के प्रभारी भी थे। वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए।
भाजपा की दिल्ली इकाई द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि सचदेवा ने गुप्ता का भाजपा में स्वागत किया।
सचदेवा ने कहा कि आप नेता अब दिल्ली में उन कमियों और समस्याओं को गिना रहे हैं जो उनकी पार्टी के 12 साल के शासन के दौरान पैदा हुई थीं और फिर भी वे भाजपा की आठ महीने पुरानी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
गुप्ता ने आरोप लगाया कि आप और उसके नेता अरविंद केजरीवाल के 'पतन' के पीछे 'सबसे बड़ा कारण' कार्यकर्ताओं के साथ 'इस्तेमाल करो और फेंको' वाला व्यवहार था।
बयान के मुताबिक, ‘‘भाजपा में शामिल होते समय, राजेश गुप्ता आप में अपने योगदान, इसके बदले में मिले उपहास और आप नेता अरविंद केजरीवाल के व्यवहार को याद करते हुए भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू भी आ गए।’’
गुप्ता ने बयान में कहा कि जब आप का गठन हुआ था, तो कई जाने-माने लोगों ने खुशी-खुशी अरविंद केजरीवाल का साथ दिया था, लेकिन उन्होंने 'सभी को धोखा दिया' और एक-एक करके, उन सभी ने उन्हें छोड़ दिया। उन्होंने कहा, 'आज, दुर्भाग्य से, मैं भी उस सूची में शामिल हो गया हूं।'
उन्होंने दावा किया कि अशोक विहार वार्ड में आप ने उपचुनाव के लिए एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है, जिसे पार्टी ने ही नोटिस जारी किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सालों की ईमानदारी, सच्चाई और निष्ठा के बावजूद, जब मैंने चिंता जतायी, तो पार्टी प्रमुख मुझसे बात करने को भी तैयार नहीं थे। यह हालत तब है जब पार्टी ना तो दिल्ली में और ना ही एमसीडी में सत्ता में है।
गुप्ता ने दावा किया, ‘‘कार्यकर्ताओं के साथ 'इस्तेमाल करो और फेंको' जैसा बर्ताव करना अरविंद केजरीवाल और आप के पतन का सबसे बड़ा कारण है।'
सचदेवा ने कहा कि गुप्ता ने एक जिम्मेदार विधायक के तौर पर अपनी एक अलग पहचान बनायी थी, लेकिन अरविंद केजरीवाल उस पहचान की कद्र नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव हारने के बाद जिस तरह से केजरीवाल दिल्ली से गायब हैं और जिन हालात में वह गए, उसकी गहरी जांच होनी चाहिए।
सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पूरी तरह से गायब हैं, आप नेता आतिशी और गोपाल राय दिल्ली में सिर्फ ‘‘स्पेशल अपीयरेंस’’ दे रहे हैं। उनका इशारा दिल्ली नगर निगम उपचुनाव के लिए प्रचार की ओर था।
भाषा अमित सुभाष
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