हावेरी, 28 नवंबर (भाषा) कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शुक्रवार को कहा कि अगर कांग्रेस में सत्ता और नेतृत्व को लेकर खींचतान जारी रही, तो विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर सकती है।
उन्होंने यह भी अनुमान जताया कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के बीच तनातनी के बीच मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कोई ‘छुपा रुस्तम’ भी उभर सकता है।
हावेरी के भाजपा सांसद बोम्मई ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने नेतृत्व विवाद सुलझाने के लिए दो–तीन फ़ॉर्मूले सुझाए हैं।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर कांग्रेस में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान ऐसे ही जारी रही, तो राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल पैदा हो सकती है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने समाधान के लिए दो–तीन फ़ॉर्मूले दिए हैं, लेकिन दोनों में से कोई भी नेता किसी फ़ॉर्मूले पर सहमत नहीं हैं। खबर यह भी है कि दोनों को किनारे कर एक नया फ़ॉर्मूला तैयार किया जा रहा है। ऐसे में कोई छुपा रुस्तम बाजी मार सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में प्रशासन पूरी तरह चरमरा गया है। किसान संकट में हैं और विकास कार्य ठप पड़े हैं। दोनों नेताओं ने इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही, तो राजनीतिक अस्थिरता की आशंका है।’’
जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा बेलगावी विधानसभा सत्र के दौरान राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी, तो उन्होंने कहा, ‘‘आठ दिसंबर तक का समय है। यदि परिस्थितियां बनीं, तो अविश्वास प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है।’’
राज्य के लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली द्वारा भाजपा पर विधायकों की खरीद–फरोख्त का आरोप लगाने पर बोम्मई ने पलटवार किया, ‘‘कांग्रेस 1969 से ही विधायकों की खरीद–फरोख्त में शामिल रही है। उस समय जारकीहोली राजनीति में भी नहीं थे। कांग्रेस का इतिहास देखें, तो सब स्पष्ट हो जाएगा। क्या उन्हें याद नहीं कि डी. के. शिवकुमार ने महाराष्ट्र के सभी विधायकों को एकत्र कर विलासराव देशमुख को नियंत्रण में रखा था?’’
भाषा
खारी अविनाश
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