अगरतला, पांच नवंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अगरतला उप-क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने एक निलंबित नौकरशाह से जुड़े कथित फर्जी सरकारी निविदा गिरोह की जांच के सिलसिले में त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के 13 ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की है। संघीय एजेंसी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
ईडी के मुताबिक, छापेमारी की कार्रवाई बुधवार को की गई और यह धनशोधन की उस जांच का हिस्सा थी, जो पश्चिमी त्रिपुरा जिले के कैपिटल कॉम्प्लेक्स पुलिस थाना में दर्ज एक प्राथमिकी पर आधारित है।
संघीय एजेंसी ने एक विज्ञप्ति में बताया कि नागपुर की मेसर्स एसके सेल्स कॉरपोरेशन की शिकायत पर, त्रिपुरा कैडर के एक निलंबित आईएएस अधिकारी और उनके कथित साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ईडी ने बताया कि शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके साथ ‘‘जालसाजी कर मध्याह्न भोजन और बिजली क्षेत्र से जुड़े कथित सरकारी निविदाओं के नाम पर लगभग 14.55 करोड़ रुपये की पेशगी के तौर पर जमा करवाई गई, जबकि वास्तव में ऐसी कोई निविदा जारी ही नहीं की गई थी।’’
विज्ञप्ति के मुताबिक, नवीनतम छापेमारी की कार्रवाई के तहत उत्तरी त्रिपुरा के धर्मनगर अनुमंडल में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के निलंबित अधिकारी और कथित हवाला कारोबारियों के आवासीय परिसरों की तलाशी ली गई।
ईडी ने बताया कि पैसों के लेन-देन से जुड़ी कई कंपनियों और इकाइयों के कार्यालय परिसरों पर भी छापेमारी की गई।
विज्ञप्ति के मुताबिक, तलाशी के दौरान एजेंसी के अधिकारियों ने हवाला लेन-देन से जुड़े बड़ी संख्या में दस्तावेजी सबूत, कई महंगी संपत्तियों का विवरण और ऐसे रिकॉर्ड जब्त किए, जो कॉरपोरेट इकाइयों पर संदिग्ध नियंत्रण की ओर संकेत करते हैं।
ईडी का आरोप है कि आरोपियों ने कथित तौर पर कई पीड़ितों के साथ कुल मिलाकर 44 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की है।
भाषा धीरज सुरेश
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