Breaking News

UP: दिवाली-छठ तक लगातार बिजली सप्लाई के निर्देश     |   तूफान से बढ़े जलस्तर को लेकर निचले इलाकों में अलर्ट-सीएम चंद्रबाबू का निर्देश     |   ग्रेटर नोएडा : गौर चौक अंडरपास आज से ट्रायल रन के लिए खुला     |   लखनऊ यूनिवर्सिटी में दीपावली अवकाश घोषित, 6-7 और 10 नवंबर को ऑनलाइन क्लास     |   गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती, GRAP-II के तहत वाहनों की एंट्री पर पाबंदी     |  

इजराइल में सरकार बनाने के लिए आइजेनकोट को मिल सकता है बहुमत का समर्थन

(हरेन्द्र मिश्रा)

यरुशलम, पांच नवंबर (भाषा) इजराइल रक्षा बलों के पूर्व प्रमुख गादी आइजेनकोट को अगली सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपे जाने के लिए नवनिर्वाचित संसद सदस्यों का बहुमत समर्थन मिलना तय माना जा रहा है। बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग के साथ हुई विचार-विमर्श की प्रक्रिया के दौरान अरब दलों ने आइजेनकोट का समर्थन किया।

सत्ताईस अक्टूबर को हुए चुनाव में सीटों के आंकड़ों के आधार पर आइजेनकोट को 67 सांसदों का समर्थन मिलने की उम्मीद है, जबकि सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे बेंजामिन नेतन्याहू को 46 सांसदों का समर्थन मिलने की संभावना है। उनके लंबे समय के सहयोगी दल यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म (यूटीजे) ने किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं करने का फैसला किया है, जिससे नेतन्याहू की संभावनाओं को झटका लगा है।

एक सौ बीस सदस्यीय नेसेट (इजराइली संसद) में नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीट पर जीत मिली थी, जबकि आइजेनकोट के गठबंधन को 48 सीट पर विजय हासिल हुई थी। वहीं, अरब दलों ने रिकॉर्ड 19 सीट जीतकर सरकार गठन में अहम भूमिका हासिल कर ली है।

चुनाव के बाद राजनीतिक गतिरोध के बीच अरब दलों ने आइजेनकोट के समर्थन की घोषणा की है। चुनाव में न तो नेतन्याहू के गठबंधन और न ही आइजेनकोट के खेमे को नेसेट में बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटें मिली हैं।

केंद्रीय चुनाव समिति की ओर से चुनाव परिणाम औपचारिक रूप से सौंपे जाने के बाद राष्ट्रपति हर्जोग ने बुधवार को नेसेट में सीट जीतने वाले राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श शुरू किया था।

इजराइल के राष्ट्रपति आमतौर पर उस सांसद को सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपते हैं, जिसके बारे में उन्हें लगता है कि उसके पास सरकार बनाने की सबसे अच्छी संभावना है। इस फैसले में विचार-विमर्श के दौरान राजनीतिक दलों की ओर से दिए गए समर्थन को भी ध्यान में रखा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया जाता है।

सरकार बनाने की जिम्मेदारी पाने वाले नेता को गठबंधन तैयार करने के लिए 28 दिन का समय मिलता है। यदि राष्ट्रपति को लगता है कि सरकार बनने की उचित संभावना है, तो वह अपने विवेक से इस अवधि को 14 दिन और बढ़ा सकते हैं।

भाषा जोहेब सुरेश

सुरेश