उत्तरकाशी, पांच नवंबर (भाषा) उत्तराखंड पुलिस ने उत्तरकाशी जिले में यमुना घाटी की सिंचाई लिफ्ट योजनाओं से केबल और मोनोब्लॉक पंप चोरी की कई घटनाओं की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुरोला थाने की पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार को देहरादून के सहसपुर से दो लोगों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों की पहचान अंकित (26) और सलमान के रूप में हुई है। पुलिस उनके आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
मामला 31 अक्टूबर को सामने आया था, जब सिंचाई लिफ्ट योजनाओं, खासकर पुरोला-रामा और ढियोरा योजनाओं, की देखरेख करने वाले सहायक अभियंता ने पुरोला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने शिकायत में बताया था कि अज्ञात लोगों ने तांबे की केबल और मोनोब्लॉक पंप चोरी कर लिये हैं।
इस शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत चोरी का मामला दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने आरोपियों की गिरफ्तारी के विशेष निर्देश दिए।
इसके बाद बड़कोट के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) चंचल शर्मा की निगरानी और पुरोला के थाना प्रभारी (एसएचओ) दीपक कठैत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गहन जांच शुरू की। टीम ने सबूत जुटाए और आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई सुरागों की पड़ताल की।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों की पहचान की। उनकी पहचान देहरादून के सहसपुर निवासी अंकित कुमार और सलमान के रूप में हुई। दोनों को पिछले बुधवार को सहसपुर से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने उनके पास से चोरी की गई केबल और धातु के सामान सहित कुल 96.41 किलोग्राम सामग्री बरामद की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अंकित कुमार के खिलाफ टिहरी और रानीपोखरी में पहले भी चोरी के मामले दर्ज हैं।
भाषा जोहेब सुरेश
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