देहरादून, पांच नवंबर (भाषा) उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को राज्यपाल ढाल सिंह बिसेन से मुलाकात की और उनके सामने कई मुद्दे उठाए। इनमें कथित भूमि घोटाला और एक मंत्री द्वारा कथित तौर पर किया गया करोड़ों रुपये का घोटाला भी शामिल है।
तेरह-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि राज्य की जमीन बेहद कम कीमतों पर बेची जा रही है। उसने राज्यपाल से इन संपत्तियों को उनके मूल विभागों को वापस दिलाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शामिल थे।
कांग्रेस नेताओं ने मंत्री गणेश जोशी से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले में अदालत के आदेशों का पालन करने, कोविड-19 महामारी के दौरान सहकारिता विभाग में की गई नियुक्तियों की जांच कराने और कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के मामलों की जांच कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें पुष्कर धामी सरकार पर राज्य की ''बहुमूल्य जमीन बेहद कम कीमतों पर बेचने'' का आरोप लगाया गया और इन सरकारी फैसलों को रद्द करने की मांग की गई।
ज्ञापन में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने संविधान के अनुच्छेद 154 का हवाला दिया, जिसके तहत राज्य की कार्यकारी शक्ति राज्यपाल में निहित होती है। इसके अलावा अनुच्छेद 166 का भी उल्लेख किया गया, जिसके अनुसार राज्य सरकार के सभी काम राज्यपाल के नाम से किए जाते हैं। इन प्रावधानों का हवाला देते हुए राज्यपाल से उनकी शक्तियों का इस्तेमाल करने का आग्रह किया गया।
भाषा जोहेब सुरेश
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