आगरा (उप्र), पांच नवंबर (भाषा) भगवान श्रीकृष्ण के बारे में कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री की कथित टिप्पणी को लेकर आगरा की एक अदालत में उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है।
अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने आगरा दीवानी न्यायालय में यह परिवाद दाखिल करते हुए आरोप लगाया कि शास्त्री ने एक कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की, जिससे उनके वंशजों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
परिवाद के अनुसार, शास्त्री ने अपने प्रवचन में कथित तौर पर कहा था, ''जो श्रीकृष्ण वाले हैं, उन्हें बुरा लगेगा, श्रीकृष्ण बहुत ही टेढ़े हैं, वे खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े होते हैं।''
अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि भगवान श्रीकृष्ण के वंशज आज भी भारत में निवास करते हैं, जिनमें जादौन, जडेजा और भाटी क्षत्रिय शामिल हैं, जिनका उल्लेख मथुरा गजेटियर और अलेक्जेंडर कनिंघम की 1882-83 की पुस्तक 'रिपोर्ट इन ईस्टर्न राजपूताना' में भी मिलता है।
परिवादी ने दावा किया कि वह मातृ पक्ष से भगवान श्रीकृष्ण के वंशज हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कथित टिप्पणी से भगवान श्रीकृष्ण के वंशजों की धार्मिक भावनाओं और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
मामले की प्रारंभिक सुनवाई दीवानी न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) पंचम कंचन कुमार की अदालत में हुई और अदालत ने परिवाद दर्ज करते हुए मामले में अगली सुनवाई के लिए आगामी 14 दिसंबर की तारीख तय की है।
इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शास्त्री की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश में उनके प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही थी।
भाषा सं. सलीम जोहेब
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