लखनऊ, पांच नवंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को वैश्विक पहचान और बाजार उपलब्ध कराने के लिए 'एक जनपद-एक व्यंजन' (ओडीओसी) अभियान को तहसील, ब्लॉक और गांव स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक समाचार पत्र द्वारा आयोजित 'एक जनपद-एक व्यंजन' कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश के हर जिले की अपनी खानपान की विशिष्ट परंपरा है और ऐसे कई पारंपरिक पकवान हैं जिन्हें अभी व्यापक पहचान नहीं मिल पाई है।
उन्होंने कहा कि बलिया का बाटी-चोखा और जौनपुर की इमरती जैसे व्यंजनों में वैश्विक बाजार में जगह बनाने की अपार संभावनाएं हैं, जरूरत केवल गुणवत्ता, शुद्धता, बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर ध्यान देने की है।
आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2018 में शुरू की गई 'एक जनपद-एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना के माध्यम से प्रदेश करीब दो लाख करोड़ रुपये के उत्पादों का निर्यात कर रहा है और लगभग 80 उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिल चुका है, इसी सफलता से प्रेरित होकर ओडीओसी अभियान शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक हलवाइयों, कारीगरों और घरों में खाद्य उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं के हुनर को सम्मान देना तथा उन्हें बाजार से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी परिवार अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।
आदित्यनाथ ने कहा कि खाद्य उत्पादों के कारोबार में गुणवत्ता और शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण हैं, लिहाजा ज्यादा मुनाफे के लिए मिलावट या गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत पात्र लोगों को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण दिया जा रहा है और इस सहायता को बढ़ाकर 7.5 लाख और 10 लाख रुपये तक करने की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीओसी के तहत स्थानीय व्यंजनों की पहचान कर उन्हें तकनीक, ब्रांडिंग और वैश्विक बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
भाषा सलीम जोहेब
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