सहारनपुर (उप्र), पांच नवंबर (भाषा) सहारनपुर जिले के देवबंद में करीब 11 साल पुराने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में त्वरित अदालत ने तत्कालीन थाना प्रभारी (एसएचओ) समेत दो पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया है।
अदालत ने दोषी ठहराए जाने के बाद दोनों को हिरासत में लेने का आदेश दिया और सजा पर सुनवाई के लिए छह नवंबर की तारीख तय की है।
पीड़िता के अधिवक्ता राजीव तोमर ने बृहस्पतिवार को 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि दोषी ठहराए गए पुलिसकर्मियों में तत्कालीन एसएचओ ब्रजमोहन यादव और उपनिरीक्षक वेदपाल सिंह शामिल हैं।
तोमर के मुताबिक, देवबंद निवासी महिला अपने पति की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी लेने परिवार के दो अन्य सदस्यों के साथ छह अगस्त 2015 को थाने पहुंची थी।
उन्होंने बताया कि आरोप है कि तत्कालीन दारोगा पंकज धामा उसे एसएचओ से मिलवाने के बहाने थाने के आवासीय परिसर में ले गया, जहां ब्रजमोहन यादव, वेदपाल सिंह, पंकज धामा और एक अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे।
तोमर के मुताबिक पीड़िता ने आरोप लगाया था कि चारों पुलिसकर्मियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और विरोध करने पर उसके साथ आई दो महिलाओं की भी पिटाई की गई।
उन्होंने बताया कि पीड़िता ने थाने और तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय का रुख किया, जिसके हस्तक्षेप पर मुकदमा दर्ज हुआ और जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई।
अधिवक्ता ने बताया कि सीबीसीआईडी ने जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी, जिसके खिलाफ पीड़िता ने अदालत में विरोध याचिका दाखिल की थी।
उन्होंने बताया कि मामले की सुनवाई त्वरित अदालत द्वितीय में हुई, जिसने भारतीय दंड संहिता की धारा 376डी (सामूहिक दुष्कर्म) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामले का संज्ञान लिया।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में चार पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए थे, लेकिन बाद में मुकदमा ब्रजमोहन यादव और वेदपाल सिंह के खिलाफ चला।
भाषा सं. सलीम जोहेब
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