प्रयागराज, पांच नवंबर (भाषा) न्यायमूर्ति अजय भनोट के कथित व्यवहार को लेकर वकीलों के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उन वकीलों के एक समूह के प्रति नाराजगी जताई है, जिन्होंने कथित तौर पर अदालत कक्ष के प्रवेश द्वार बंद कर दिए और अदालती कर्मचारियों को मुख्य द्वार से अंदर जाने से रोक दिया।
न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने बुधवार को कहा, ''जानबूझकर अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले वकीलों के कारण अदालत की कार्यवाही ठप नहीं हो सकती।''
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि बड़ी संख्या में वकील अदालत कक्ष के बाहर जमा हुए और शोर-शराबा किया, जिससे अदालती कार्यवाही में बाधा पहुंची।
अदालत ने यह भी कहा कि वकीलों ने अदालत के कर्मचारियों को मुख्य द्वार से अदालत कक्ष में प्रवेश करने से रोका, इस स्थिति को देखते हुए अदालत ने कर्मचारियों को न्यायाधीशों के लिए बने दरवाजे से अंदर आने को कहा।
ये टिप्पणियां चार नवंबर के एक आदेश में की गईं। उस समय खंडपीठ फर्रुखाबाद के निवासी सलमान अख्तर की ओर से दायर एक आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
याचिका में शादी का झूठा वादा करके यौन संबंध बनाने, आपराधिक धमकी देने, दंगा करने और अन्य आरोपों के तहत याचिकाकर्ताओं के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को चुनौती दी गई थी। मामले को संशोधित सूची के तहत सुनवाई के लिए लिया गया था।
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की ओर से कोई भी वकील याचिका पर सुनवाई का अनुरोध करने के लिए उपस्थित नहीं हुआ, जबकि सुनवाई सूची में वकीलों के नाम दर्ज थे। अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता (एजीए) भी अदालत में मौजूद नहीं थे।
अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति पर ध्यान देते हुए अदालत ने सरकारी अधिवक्ता (जीए) को निर्देश दिया कि वह एक रिपोर्ट सौंपकर बताए कि वे अदालत में क्यों उपस्थित नहीं हुए।
यह घटनाक्रम 27 अक्टूबर को अदालत कक्ष संख्या 49 में हुई एक घटना के बाद वकीलों के विरोध प्रदर्शन के बीच सामने आया है। उस दिन न्यायमूर्ति अजय भनोट खंडपीठ की अध्यक्षता कर रहे थे।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन (एचसीबीए) ने 28 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली को पत्र लिखकर न्यायमूर्ति भनोट की अदालत का बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। एसोसिएशन ने आरोप लगाया था कि न्यायमूर्ति भनोट ने अदालत की कार्यवाही के दौरान एक वकील को अपमानित किया था।
भाषा सं राजेंद्र
जोहेब
जोहेब